चीनी विवाद के बावजूद, भारत और ब्राजील इथेनॉल के लिए मिलाएंगे हाथ

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भारत में चीनी मिलें अधिशेष चीनी से परेशान है। इसलिए, सरकार चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए इथेनॉल उत्पादन पर जोर दे रही है।

ऐसी उम्मीद कि जा रही है की आने वाले दिनों में, भारत अच्छा राजस्व प्राप्त करने के लिए अधिक इथेनॉल का उत्पादन करेगा। खबरों के मुताबिक, ब्राजील और भारत इथेनॉल के उत्पादन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता कर सकते हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, जब दोनों प्रमुख चीनी उत्पादक देश ब्रासीलिया में मिलेंगे तब वे इथेनॉल के उत्पादन और व्यापार पर समझौता ज्ञापन कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर में ब्राजील की आधिकारिक यात्रा करेंगे, जहां दोनों देश व्यापार संबंधों को बढ़ावा देने की कोशिश करेंगे।

भारत में इथेनॉल बाजार का लाभ लेने के लिए ब्राजील कोई कसर नहीं छोड़ेगा। केंद्र सरकार का 2020 तक पेट्रोल के साथ 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित करने का लक्ष्य है। और उसी को हासिल करने के लिए भारत ब्राजील की सहायता ले सकता है।

UDOP, चीनी और इथेनॉल उत्पादकों के ब्राजीलियन एसोसिएशन, ने कहा कि भारत सरकार से इथेनॉल पर साझेदारी पर चर्चा करने का सुझाव आया है।

एक तरफ भारत और ब्राजील अच्छे संबंध बनाने की ओर है तो वही दूसरी तरफब्राजील ने भारत को चीनी सब्सिडी को लेकर WTO में घसीटा है यह आरोप लगाते हुए की यह वैश्विक व्यापार नियमों के साथ असंगत है और चीनी बाजार को विकृत कर रहा है।

अगर दुनिया भर में इथेनॉल उत्पादन की बात करे तो, अमेरिका और ब्राजील प्रमुख खिलाड़ी हैं।

भारत में इथेनॉल उत्पादन के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी वकालत की थी। उन्होंने कहा, “निकट भविष्य में, इथेनॉल का उपयोग बढ़ेगा, और यह निश्चित रूप से किसानों और चीनी मिलों को लाभान्वित करेगा।”

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