चीनी मिलों को बतौर ऋण दी गयी 10 करोड़ रुपये की राशि में गड़बड़ी

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देहरादून, 15 मई: बीते दिनों उत्तराखंड के वित्त विभाग की जांच में कृषि मंडी समितियों में मिली भारी वित्तीय गड़बड़ी के अलावा चीनी मिलों को बतौर ऋण के रूप में दी गयी राशि के दुरुपयोग के ख़ुलासे की ऑडिट रिपोर्ट पर देहरादून में मीडिया से बात करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जाँच जारी है जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएँगे उनके ख़िलाफ़ विभाग सख़्त कार्यवाई करेगा।

ग़ौरतलब है कि प्रदेश की विभिन्न चीनी मिलों को 10 करोड़ रुपये की राशि बतौर ऋण दी गई थी, लेकिन उक्त ऋण की वसूली में काफी अनियमितता देखने को मिली थी और जिसके चलते प्रदेश की मिलों में करोड़ों रुपयों का बकाया रह गया। इन चीनी मिलों में डोईवाला,गदरपुर व सितारगंज की मिलें शामिल है जिन पर 6 करोड़ से भी अधिक का बकाया पाया गया था।

इसी तरह मंडी समितियों में भी ऑडिट रिपोर्ट में बड़े स्तर पर अनियमितता का ख़ुलासा हुआ था। चीनीमंडी संवादाता द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि मामला 2011-2012, 2012-2013, 2014-2015,2015-2016 एवं 2017 के बीच का है। जाँच अभी जारी है, जिन कृषि मंडी समितियों ने अपने दायरे से बाहर जाकर करोड़ों रुपये की अनियमितता की है उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही होगी।

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