चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अतंर्राष्ट्रीय व्यापार और कारोबार की संभावनाओं पर होगा मंथन

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नई दिल्ली, 21 अक्टूबर: देश में गन्ने से तैयार उत्पादों के व्यापार और कारोबार की संभावनाएं जितनी तेजी से बढ रही है, उतनी ही तेजी से वैश्विक बाजार में इस उद्यगो से जुडे उतार चढ़ाव भी देखने को मिल रहे है। चीनी व्यापारियों को अतंर्राष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान कराने के साथ साथ इससे जुडे आयात और निर्यात में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए दुनियाभर के चीनी उद्यमी आगामी 5-6 नवम्बर को गुरुग्राम में एकत्रित हो रहे है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन और एस एंड पी ग्लोबल प्लेट्स द्वारा संयुक्त रुप से आयोजित होने जा रही “10 वीँ एशिया सुगर एवं इथनॉल कॉंफ्रेंस” के आयोजन की तैयारियों पर मीडिया से बात करते हुए इस्मा के निदेशक संजय बनर्जी ने कहा कि सम्मेलन में दुनियाभर से तकरीबन 250 से भी अधिक डेलीगेट भाग लेंगे। दो दिवसीय इस सम्मेलन में केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय के अलावा राज्यों के खाद्य विभागों के साथ गन्ना विकास एवं चीनी विभाग के अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। केन्द्रीय खाद्य एवं जनवितरण विभाग से संयुक्त सचिव सुरेश वशिष्ठ मंत्रालय की तरफ से सरकार का पक्ष रखेंगे। संजय बनर्जी ने कहा कि इस सम्मेलन में देश विदेश के बडे गन्ना किसान, चीनी व्यापारी, चीनी निर्यातक, सरकारी नियामक से जुडे अधिकारी, इंडस्ट्री से जुडे सलाहकार, बाजार विश्लेषक, वित्तीय बैंकों से जुडे अधिकारी और इस उद्योग से जुडे राष्ट्रीय व अतंर्राष्ट्रीय स्तर के संगठनों के पदाधिकारी भाग लेंगें।

सम्मेलन में गन्ना शोध संस्थानों के अलावा एथनॉल उत्पादन करने और विपणन करने वाली कई नामी गिरामी कम्पनियां भी शिरकत करेंगी। सम्मेलन में विश्व में गन्ना उत्पादन एवं चीनी आयात निर्यात करने वाले देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे और वैश्विक बाजार में इस इंडस्ट्री को लेकर क्या कुछ चल रहा है, क्या कुछ किए जाने की जरुरत है इन सभी मसलों पर अलग अलग सत्रों में व्याख्यान देंगे। सम्मेलन के दौरान थाइलेंड, ब्राजील जैसे चीनी व गन्ना उत्पादक देशो के प्रतिनिधि अपने-अपने देश में चीनी उद्योग की स्थितियों पर प्रकाश डालेंगें।

सम्मेलन में एस एडं पी ग्लोबल की तरफ से चीनी इडंस्ट्री की विशेषज्ञ पैट्रिका इस सैक्टर में वैश्विक चुनौतियों पर अपना पक्ष रखेंगी। एस एंड पी ग्लोबल के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डोगलस एल पीटरसन ने अपने संदेश में कहा है कि इस कॉन्फ्रेंस के जरिए हम वैश्विक बाजार में सुगर इंडस्ट्री से जुडे उद्यमियों के लिए कार्यक्षमता और निर्णय दक्षता से युक्त बौद्दिक वातावरण तैयार करने का काम कर रहे है। इस्मा की तरफ से इस सम्मेलन में इस्मा के अध्यक्ष रोहित पंवार जहां चीनी औऱ इथनॉल उद्योग की वर्तमान और भविष्य की स्थिति पर व्याख्यान देंगे वहीं इस्मा की निदेशक भारती बालाजी लीगल और टैक्स से जुडे मुद्दों पर अपनी बात रखेंगी।

इस सम्मेलन में विदेशी डेलीगेट्स में ईसीआरयू के निदेशक कैरलोटे किग्समैन, एलएमसी इंटरनेशनल लिं. के प्रबंध निदेशक मार्टिन टोड, फिजिकल ट्रैडिंग के ग्लोबल प्रमुख लुका ड्रुफ ,थाई सुगर मिलर्स कॉर्पोरेशन के महानिदेशक रंगशित हैंगरेत, यूएनआईसीए के मुख्यकारी अधिकारी एवेन्ड्रो गुस्सी, विल्मर इंटरनेशनल के एनालिस्ट इकटेरिना साइप्लेकोवा एवं प्रोक्यरमेंट मार्श विरंगली कॉन्फेक्सनरी के प्रमुख टाशी शरमा सहित कई विदेशी विशेषज्ञ इस सम्मेलन में आ रहे है।

सम्मेलन की शान बढ़ाने के लिए भारतीय चीनी उद्योग से डीसीएम श्रीराम के प्रबंध निदेशक रोशनलाल टमक, धामपुर सुगर मिल के प्रबंध निदेशक गौरव गोयल, ग्लोबल कैन सुगर सर्विस के प्रबंध निदेशक डॉ जीएस राव, गोदावरी बायोरिफाइनरीज के प्रबंध निदेशक समीर सोम्मैया, ग्रेडिेयेंट कॉर्मर्शियल के निदेशक यतिन वधवाना, इंडियन सुगर एग्जिम कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अधीर झा, त्रिवेणी ग्रुप के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तरुण स्वाने, यूएस ग्रेन काउंसिल से अमित सचदेवा और होल फूड इंडिया की फाउंडर इस्सी खोसला सहित गन्ना और चीनी उद्योग से जुडे कई विशेषज्ञ इसमें भाग लेंगे और इंडस्ट्रीके सामने आ रही चुनौतियों और व्यापार की संभावनाओं पर अलग अलग सत्रों में अपने अनुभव साझा करेगे।

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