चीनी उत्पादन पिछले तीन साल के निचले स्तर तक गिर सकता है

692

पुणे: भारत का चीनी उत्पादन सीजन 2019/20 में तीन साल के सबसे निचले स्तर तक गिर सकता है। पिछले साल सूखे के बाद किसानों को अपने गन्ने की रोपाई न करने के लिए मजबूर होना पड़ा था और इस साल बाढ़ से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा है।

कम चीनी उत्पादन अधिशेष को कम करने में मदद करेगा। देश पिछले दो साल से रिकॉर्ड चीनी उत्पादन के कारण त्रस्त है।

नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज़ (NFCSF) के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनवरे ने कहा कि एक अक्टूबर से शुरू होने वाले 2019/20 के विपणन वर्ष में भारत का चीनी उत्पादन एक साल पहले के मुकाबले 20 प्रतिशत तक कम यानी 26.3 मिलियन टन हो सकता है।

नाइकनवरे ने आगे कहा की ,”पिछले महीने की बाढ़ ने महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ना रोपण को बुरी तरह प्रभावित किया है।” महाराष्ट्र देश का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है, जबकि दक्षिणी राज्य कर्नाटक तीसरे स्थान पर है।

अगस्त के पहले सप्ताह में, दोनों राज्यों के कई जिलों में 670 मिमी बारिश, नदियों में बाढ़ के कारण काफी सारे गन्ने जलमग्न हो गए, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ है। जुलाई में, इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने 2019/20 में 28.2 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान लगाया था।

2017-18 के विपणन वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान देश का चीनी उत्पादन रिकॉर्ड 32.5 मिलियन टन था और 2018-19 में 33 मिलियन टन होने का अनुमान है।

यह न्यूज़ सुनने के लिए इमेज के निचे के बटन को दबाये.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here