महाराष्ट्र में सूखे के कारण चीनी उत्पादन में गिरावट होगी: सीएम देवेंद्र फडणवीस

चीनी उद्योग जीवित रहता है ,तो किसान बेहतर जिंदगी जी सकते हैं। इसे देखते हुए, उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों के पीछे दृढ़ता से खडी हैं।

पुणे : चीनी मंडी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा की, इस साल राज्य में, ऐसा लगता था कि, मौजूदा सीजन में चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन होगा, हालांकि राज्य के 26 जिलों में सूखे की स्थिति के कारण इस वर्ष चीनी के कम उत्पादन की संभावना लग रही है।

वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट की 42 वीं वार्षिक आम बैठक और पुरस्कार वितरण समारोह शनिवार को आयोजित किया गया था। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार, सांसद विजयसिह मोहित पाटिल, कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात और हर्षवर्धन पाटिल उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, राज्य में चीनी उद्योग द्वारा सामना की जाने वाली कठिनाइयों के बावजूद, चीनी उत्पादकों को एफआरपी भुगतान किया गया है। महाराष्ट्र राज्य सभी किसानों को एफआरपी देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा, हमने केंद्र सरकार से चीनी का न्यूनतम बिक्री मुल्य 29 से 31 तक बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने आगे कहा कि, यदि चीनी उद्योग जिंदा रहता है तो किसान भी अच्छी तरह से रह सकते हैं। इसे देखते हुए, उन्होंने आश्वासन दिया कि, राज्य सरकार किसान के पीछे दृढ़ता से खडी हैं।

एफआरपी भुगतान के लिए सरकार 500 से 600 करोड़ रुपये की मदद दे: शरद पवार

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा की, इस वर्ष उच्च चीनी उत्पादन के कारण कीमतों में गिरावट आई है। यदि यह स्थिति आगे भी जारी रहती है, तो भविष्य में चीनी मिलों द्वारा एफआरफी भुगतान करना मुश्किल होगा। इस मामले को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार द्वारा चीनी उद्योग को 500 से 600 करोड़ रुपये देना चाहिए,यदि राज्य में सूखे संकट के कारण यह स्थिति प्रचलित है, तो भविष्य में गन्ने की कमी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here