चीनी मिलों पर दिखा उत्तर प्रदेश सरकार की सख्ती का असर

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लखनऊ: गन्ना किसानों के दबाव और उत्तर प्रदेश सरकार की सख्ती के कारण राज्य की चीनी मिलों ने किसानों को इस सीजन में जल्द बकाया भुगतान किया है। वर्त्तमान पेराई सत्र 2019-20 में 673.05 करोड़ रूपये का गन्ना मूल्य भुगतान गन्ना कृषकों को किया जा चुका है।

उत्तर प्रदेश में गन्ना बकाया का मुद्दा बहुत ही गरमा चूका है, जिसके बाद सरकार भी सख्ती में आई और अब ऐसा लगता है की सरकार की सख्ती का असर दिखता हुआ नजर आ रहा है। वर्तमान सरकार द्वारा रू.76,943.02 करोड़ का रिकार्ड गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को कराया जा चुका है। जिसमें पेराई सत्र 2018-19 का रू.30,161 करोड़ का भुगतान भी शामिल है

हालही में बकाया भुगतान के संबंध में जानकारी देते हुए गन्ना आयुक्त, श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया था कि बकायेदार चीनी मिलों का सम्पूर्ण गन्ना मूल्य का भुगतान अविलम्ब सुनिश्चत कराने हेतु विभागीय अधिकारियों को दैनिक स्तर पर अनुश्रवण करने एवं भुगतान में उदासीनता बरतने वाली लापरवाह मिलों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने के निर्देष दिये गये हैं तथा बार-बार निर्देशों के बावजूद गन्ना मूल्य भुगतान में उदासीन रहने वाली चीनी मिलों के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 एवं अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही करने के साथ ही वसूली प्रमाण-पत्र (आर.सी.) जारी करने की प्रक्रिया अमल में लायी जा रही है।

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