उत्तर प्रदेश में बी-मोलासिस से होगा इथेनॉल उत्पादन

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लखनऊ : चीनी मंडी

केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने  सीधे बी- मोलासिस से इथेनॉल के उत्पादन को हरी झंडी दिखा दी है। तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) नेइथेनॉल की प्रति लीटर 47.49 रुपये खरीद कीमत तय की है।उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को बीग्रेड गुड़ (मोलासिस)  से इथेनॉल का उत्पादन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।इससे गन्ने की बम्परउत्पादन से निपटने में आसानी होगी ।

गन्ने से सीधा ईंधन उत्पादन संवेदनशील मुद्दा

गन्ना आधारित इथेनॉल को आम तौर पर तीन अलग-अलग तरीकों से बनाया जा सकता है । इसमें  बी-मोलासिस, सी-मोलासिस और  सीधे गन्ना के रस से इथेनॉल उत्पादन किया जा सकता है ।अन्य गन्नाउत्पादक देशों में, इथेनॉल सीधे गन्ना के रस से उत्पादित होता है, भारत में इथेनॉल सीमोलासिस से ही उत्पादन किया गया है, क्योंकि देश में एक सामान्य धारणा है कि गन्ने के सीधे ईंधन के उत्पादन से देश मेंचीनी की कमी हो सकती है, जो भारत में दशकों से बेहद संवेदनशील मुद्दा रहा है।

इथेनॉल से चीनी कीमते रहेगी उचित स्तर पर

2017-2018 के सीजन में देश में 32 मिलियन टन रिकॉर्ड चीनी उत्पादन हुआ, जो 25 मिलियन टन की घरेलू मांग की तुलना में काफअधिक है, जिससे चीनी की कीमतों मेकमी आई है।
आगामी वर्षों में भीगन्ना और चीनी उत्पादन में और वृद्धहोने की सम्भावना है, जिससे चीनी की कीमतों में और भी गिरावट होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे  सरकार, चीनी उद्योग और किसानों के सामने बहुत सारीसमस्या खड़ी होगी।इसके चलते  उत्तर प्रदेश सरकार  चीनी उत्पादक और  किसानों को आगे आनेवाले खतरे से बचाने के तरीकों की तलाश में है।

बीमोलासिस से  इथेनॉल उत्पादन से चीनी उत्पादन मेंगिरावट आ सकती है, जो कि चीनी की कीमतों को उचित स्तर पर रखने में मदद करेगी, जिससे किसानोंकी गन्ने की बकाया राशि के भुगतान करने  में भी मदद मिलेगी।

SOURCEChiniMandi

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