अब चीनी की जगह गन्ने के रस से बनेगा इथेनॉल…

 

 

उत्तर प्रदेश के गन्‍ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा, करीब दो दर्जन मिलों में इथेनॉल बनाने की तैयारी;  सपा सरकार के बकाए का भी करना पड़ रहा है भुगतान

लखनऊ : चीनी मंडी

उत्तर  प्रदेश सरकार ऐसा प्रावधान करने जा रही है की, प्रदेश में अब जो भी सहकारी मिल खुलेगी, वह सीधे गन्ने के रस से इथेनॉल बनाएगी।  गन्ना राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने  बताया कि, पिपराइच चीनी मिल में 1000 टीसीडी सीधे जूस से और 4000 टीसीडी सीरे से इथेनॉल बनेगा।

उन्होने यह भी कहा की, हम इसकी शुरुआत सरकारी मिल से कर रहे हैं ताकि एक मॉडल पेश किया जा सके। अगले सत्र से करीब दो दर्जन मिलों में इथेनॉल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।  2015-16 में 18003 करोड़ रुपये गन्ना खरीद हुई लेकिन उसका भी भुगतान नहीं कर पाए थे। हमने 35,463 करोड़ की खरीद की और सपा शासन के बकाए का भी भुगतान कर रहे हैं।

पिछले सत्र 2017-18 में देय 35,463.68 करोड़ के सापेक्ष 34,202.82 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किसानों को हो चुका है। वर्तमान पेराई सत्र में 10,969.86 करोड़ के सापेक्ष 5,249.26 करोड़ रुपये का भुगतान हो गया। वहीं पुरानी सरकार के समय का बकाया 10,605 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

गन्ना राज्य मंत्री ने कहा कि, 119 चीनी मिलों में से 92 ने पिछले सत्र का पूरा भुगतान कर दिया है। बची हुई जिन मिलों ने भुगतान नहीं किया उनके खिलाफ हम कार्रवाई कर रहे हैं। गन्ना भुगतान ना करने पर पहली बार 12 चीनी मिलों पर नामजद एफआईआर हुई है। आरसी जारी की गई। पर्ची का सिस्टम हमने बदला। यह अधिकार सहकारी समितियों को दिया गया। 1,19,846 फर्जी आपूर्तिकर्ताओं के सट्टे बंद किए गए। घटतौली पर तीन अवैध गन्ना खरीद पर 11 और अन्य मामलों में दो एफआईआर दर्ज की गईं।

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