चीनी मिलों से जुडी हर जानकारी पब्लिक डोमेन में साझा करने की उत्तर प्रदेश सरकार की कोशिश

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लखनऊ,14 अक्टूबर: केन्द्र सरकार देश में डिजिटल तकनीक को बढ़ावा दे रही है। राजकार्य में पारदर्थिता लाने के लिए राज्यों को भी डिजीटल प्लेटफॉर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने गुड गर्वेनेंस पर काम करते हुए सभी विभागों को वेबसाइट बनाकर हर सूचना साझा करने के निर्देश जारी किए है। सरकार की पहल के तहत काम में पारदर्शिता लाने के लिए गन्ना एवं चीनी विभाग ने भी कमर कस ली है। शासन ने प्रदेश के सभी जिलों में कार्यरत चीनी मिलों को अपनी वेबसाइट बनाकर मिल से जुडी हर तरह की जानकारी उस पर साझा करने के साफ निर्देश दिए है।

योजना के तहत प्रदेश के गन्ना किसानों को चीनी मिलों में गन्ना पैराई सत्र से लेकर किसानों के बकाया दिलाने जैसी तमाम जानकारियां वेबसाइट पर अपलोड की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश की 116 चीनी मिलों ने अपनी वेबसाइट बनाली है जिन पर पारदर्शिता के साथ गन्ना विपणन और गन्ना विकास से जुडी तमाम जानकारियां मौजूद है। नई व्यवस्था के बाद गन्ना किसान घर बैठे ही चीनी मिलों से संबधित जानकारियां एक क्लिक में ही अपडेट कर रहे है। वेबसाइट पर गन्ना पैराई, पर्ची निगमन, नापतौल और भुगतान जैसी तमाम सूचनाएं दी गयी है। इससे किसानों का जहां चीनी मिलों तक जाने आने का समय बच रहा है वहीं पैसा खर्च होने से भी राहत मिल रही है।

आज पूरे उत्तर प्रदेश में स्थित चीनी मिलों की वेबसाइटों को आप एक ही प्लेटफॉर्म पर देख सकते है जो चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग, उत्तर प्रदेश एच्टीटीपी//डब्लू डब्लू डब्लू.यूपीकेन.गोव.इन से जुडी है। यहां पर गन्ना सूचना प्रणाली ऑप्सन में आपको प्रदेश की सभी चीनी मिलों की वैबसाइट एक क्लिक करते ही स्क्रीन पर दिखाई देगी। सूबे के कुल 35 गन्ना उत्पादक जिलों में स्थित चीनी मिलों की वेबसाइट यहा मौजूद है। इनमें ,सहारनपुर की 4 चीनी मिल, मुज्जफ्फर नगर की 8 चीनी मिल, शामली की 3 चीनी मिल, मेरठ की 5 चीनी मिल, बागपत की 2 चीनी मिल, गाजियबाद की 1 चीनी मिल, हापुड की 2 चीनी मिल, बुलंदशहर की 3 चीनी मिल, बिजनोर की 9 चीनी मिल,अमरोहा की 3 चीनी मिल, मुरादाबाद की 4 चीनी मिल, संबल की 2 चीनी मिल, रामपुर की 3 चीनी मिल, पीलीभीत की 4 चीनी मिल, बरेली की 5 चीनी मिल, बंदायू की 2 चीनी मिल, काशगंज की एक चीनी मिल, शाहजहां पुर की 5 चीनी मिल, हरदोई की 3 चीनी मिल, लखीमपुर की 9 चीनी मिल, सीतापुर की 5 चीनी मिल, फुर्रुखाबाद की 1 एक चीनी मिल, बाराबंकी की एक चीनी मिल, फैजाबाद की 2 चीनी मिल, अंबेडकर नगर की 1 चीनी मिल, सुल्तानपुर की 1 चीनी मिल, गोण्डा की 3 चीनी मिल, बहराइच की 4 चीनी मिल, बलरामपुर की 3 चीनी मिल, बस्ती की 3 चीनी मिल, महाराजगंज की 2 चीनी मिल,देवरिया 1 चीनी मिल,कुशीनगर की 5 चीनी मिल, मऊ की 1 चीनी मिल ,आजमगढ़ की 1 चीनी मिले शामिल है जिनसे संबधित चीनी मिल से जुडी सम्पूर्ण जानकारी उनके डिजीटल प्लेटफार्म पर अपडेट है।

प्रदेश की चीनी मिलों के डिजीटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय होने के मसले पर मीडिया से बात करते हए सूबे के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि स्वच्छ व पारदर्शी प्रशासन हमारा नारा है। इसी के तहत हमारी सरकार पब्लिक डोमेन में सभी सूचनाएं साझा करने पर जोर दे रही है। फिलहाल 116 चीनी मिलें ऑन लाइन है और इन चीनी मिलों में 18 चीनी मिलें सहकारी क्षेत्र की है । इन सहकारी चीनी मिलों में सहारनपुर की सरसावा, और ननौता सहकारी चीनी मिल, मुज्जफरनगर की मोरना सहकारी चीनी मिल, बागपत की रमाला सहकारी चीनी मिल, बुलंदशहर की अनूप शहर सहकारी चीनी मिल, बिजनोर की स्नेहरोड सहकारी चीनी मिल, अमरोहा की गजरौला सहकारी चीनी मिल, पीलीभीत की बीसनपुर और पूरनपुर सहकारी चीनी मिल, बरेली की सेमीखेरा और बदायूं की बदायूं सहकारी चीनी मिल,शाहजहांपुर की तिहार और पुवायां सहकारी चीनी मिल, लखीमपुर की बेलाराया एवं सम्पूर्नानगर सहकारी चीनी मिल,सीचतापुर की महमूदाबाद चीनी मिल, बहराईच की नानापारा सहकारी चीनी मिल और आजमगढ़ की सठियों सहकारी चीनी मिल शामिल है।

उत्तर प्रदेश के गन्ना और चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेडी ने कहा कि यूपी देश का बडा गन्ना उत्पादक राज्य है सूबे के तकरीबन 44 जनपदों में गन्ने की खेती होती है जिनमें से 28 जिले पूरी तरह से गन्ना बैल्ट के रुप में जाने जाते है। प्रदेश में तकरीबन 35 लाख गन्ना किसानो से जुडी सहकारी समितियां है और ये समितियां ही चीनी मिलों तक गन्ना किसानों का गन्ना पहुचाने का काम करती है। ऐसे में अब गन्ना किसानों को अपने जिले में स्थिति चीनी मिलों में हो रहे क्रियाकलापों की जानकारी घर बैठे ही मिल जाएगी।

उत्तर प्रदेश कॉपरेटिव सुगर फैक्टरीज फैडरेशन के प्रबंध निदेशक बिमल कुमार दुबे ने कहा कि प्रदेश सरकार गन्ना किसानों और चीनी मिलों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के लिए गंभीरता से काम कर रही है इसी को ध्यान में रख कर चीनी मिलों को ऑन लाइन प्लेटफॉर्म पर वेबइसाइट बनाकर सूचनाएं साझा करने के शासकीय निर्देश दिए गए थे। अब सभी चीनी मिलों की जानकारी उनकी साइट पर है तो गन्ना किसान अपने जिले में स्थित मिल में हो रहे कार्य और आगामी सिड्यूल की जानकारी हासिल कर सकते है। इससे हमारे उपर व्यक्तिगत सूचनाएं देने का दबाव कम हुआ है और गन्ना किसान जो छोटी छोटी जानकारियां लेने के लिए चीनी मिले तक आते थे उनको होने वाली परेशानी से भी निजात मिल गयी है। दुबे ने कहा कि इस पहल से गन्ना किसान औऱ चीनी मिले डिजीटल माध्यम से एक दूसरे के ओर करीब आ गये है।

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