पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के निर्यात की अनुमति देने के बाद देश में चीनी की कीमतें बढ़ी: मंत्री नासिर शाह का आरोप

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कराची: सिंध के सूचना मंत्री सैयद नासिर हुसैन शाह ने कहा कि, प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा गठित चीनी जांच आयोग का उद्देश्य यह पता लगाना है कि, कैसे चीनी की कीमत बढ़ गई। मंत्री शाह ने कहा कि, यह आश्चर्य की बात है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं द्वारा चोरों और लुटेरों के रूप में लगातार आरोप किए गए लोगों के समय में चीनी की कीमत 50 से 53 रुपये के आसपास थी। जबकि पीटीआई के सरकार के समय में कीमत 80 रुपये से अधिक हो गई है।

सैयद नासिर हुसैन शाह ने कहा कि, चीनी जांच आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी की कीमत में अचानक वृद्धि का एक प्रमुख कारक इसके निर्यात की अनुमति देना था। उन्होंने कहा कि,लगभग 10 लाख टन चीनी का निर्यात करने की अनुमति दी गई, जिससे देश में चीनी की कीमत बढ़ गई। उसी चीनी जांच आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि, चीनी को निर्यात करने की अनुमति खुद प्रधानमंत्री इमरान खान ने दी थी, उन्होंने कहा कि वह इस अनुमति के लिए हस्ताक्षरकर्ता थे। आगे की व्याख्या करते हुए, प्रांतीय सूचना मंत्री शाह ने कहा कि, लोगों को पता होना चाहिए कि उनके प्रधान मंत्री इमरान खान के पास प्रभारी वाणिज्य मंत्री का पोर्टफोलियो भी था। उन्होंने कहा कि, अब्दुल रज्जाक दाऊद केवल प्रधानमंत्री के विशेष सहायक थे। सैयद नासिर हुसैन शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री की अनुमति से चीनी का निर्यात किया गया था जिसके बाद देश में चीनी की कमी हुई और परिणामस्वरूप चीनी की कीमत बढ़ गई। उन्होंने कहा कि, सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह को बुलाने और उन्हें जांच में शामिल करने का एकमात्र उद्देश्य जनता का ध्यान आकर्षित करना था। उन्होंने कहा कि यह हमेशा से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) नेताओं की आदत रही है कि जब भी उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए कहा जाता है, तो वे दूसरों को दोष देकर ध्यान हटाने की कोशिश करते हैं।

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