सतत् विकास के लिए ‘पारिवारिक खेती दशक’ की शुरूआत

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नयी दिल्ली 29 मई (UNI) दुनिया में, विशेषकर, विकासशील देशों में परिवारिक खेती को बढ़ावा देने के लिए खाद्य एवं कृषि संगठन और अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष ने आज ‘संयुक्त राष्ट्र परिवारिक खेती दशक’ तथा छोटे किसानों को मदद देने के लिए ‘वैश्विक कार्रवाई योजना’ की औपचारिक शुरूआत की।

संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध दोनों वैश्विक संस्थाओं ने वर्ष 2017 के अंत में पारिवारिक खेती दशक मनाने की घोषणा की थी। वर्ष 2019 से 2028 तक ‘पारिवारिक खेती दशक’ को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित कार्यक्रमों को लागू करने जिम्मेदारी इन दोनों संस्थाओं की होगी। इस संबंध में मुख्य आयोजन रोम में दोनों संस्थाओं के मुख्यालय में किया गया।

दुनिया में 90 प्रतिशत से अधिक किसान पारिवारिक खेती करते हैं और वैश्विक पैदावार में इनकी हिस्सेदारी 80 प्रतिशत है। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि ये किसान और पारिवारिक खेती सतत विकास का मुख्य इंजन तथा भूखमरी और कुपोषण समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पारिवारिक खेती उस खेती को कहा जाता है जो एक परिवार पर आधारित होती है और पैदावार का मुख्य हिस्सा पारिवारिक सदस्यों के भरण पोषण में खप जाता है। इसमें अतिरिक्त पैदावार को स्थानीय बाजार में अन्य वस्तुओं की एवज में बेचा जाता है। इस खेती में स्थानीय उत्पादाें की खेती की जाती है।

पारिवारिक खेती दशक के दौरान छोटे किसानों की स्थिति को मजबूत करने के कदम उठायें जाएगें और वैश्विक खाद्य सुरक्षा और पोषण, स्वास्थ्य और सतत विकास उनकी भूमिका बढ़ाई जाएगी।

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