चीनी मिलों का लाइसेंस रद्द करने की मांग…

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मुज़फ्फरनगर, ०३ मई: पूर्व केन्द्रीय कृषि मंत्री चौधरी अजीत सिंह ने केन्द्र की मोदी सरकार को घेरते हुए किसानों के साथ वादा खिलाफी का आरोप लगाया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों का मिल मालिकों द्वारा बकाया रहा भुगतान नहीं किए जाने से आंदोलनरत गन्ना किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात के दौरान चौधरी अजीत सिह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के नाम पर सिर्फ वोट लिया है लेकिन इस वर्ग के लिए किया कुछ नहीं।

इस दौरान गन्ना किसानों ने अजीत सिंह से मुकालात के दौरान मिल मालिकों द्वारा गन्ना बकाया का तत्काल भुगतान दिलवाने की मांग की। सिंह से मुलाकात में गन्ना किसानों ने कहा कि शासन द्वारा मिल मालिकों को दिए गए निर्देशों की खुलेआम अवहेलना हो रही है लेकिन प्रशासन मौन है। इस पर पूर्व केन्द्रीय कृषि मंत्री ने जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे से इस संदर्भ में बात की तो उन्होने कहा कि पिछले सप्ताह ही मिल मालिकों के साथ शासन की बैठक हुई थी जिसमें मिल मालिकों को किसानों का बकाया देने के सख्त निर्देश दिए गए है।

सामली के गन्ना किसान रामसुख ने अपनी पीडी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हे घर परिवार के खर्च और बेटी की शादी के लिए रुपयों की जरूरत है लेकिन पैसे की तंगी के चलते परेशान है। यही हाल कुटबे गांव के महेश का है। उसे अपने बेटे की कोचिंग की फीस जमा करानी है लेकिन गन्ना बकाया का भुगतान नहीं मिलने से परेशान है।

गन्ना किसानों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि किसान बिजली-पानी का बिल समय पर नहीं देते है तो प्रशासन पैनल्टी लगा देता है लेकिन मिल मालिको द्वारा नियमों की अवहेलना करने पर कुछ नहीं कर रहा।

किसानों ने मांग की कि जो मिल मालिक गन्ना किसानों का बकाया समय पर नहीं दे रहे है उनका लाइसेंस रद्द होना चाहिए और उन्हे प्रशासन द्वारा ब्लेक लिस्ट कर उन्हे बाजार में चीनी निर्यात से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

किसान नेताओं ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगो पर ध्यान नहीं देगी तो आने वाले दिनों में बडे स्तर पर आंदोलन करेंगे और ये लडाई आर पार की होगी। किसानों ने कहा कि प्रशासन से सांठगांठ कर रहे मिल मालिकों की मनमानी अब नहीं चलने देंगे। किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि चु्नाव की आड में प्रशासन हमारी बात नहीं सुन रहा ऐसे में हमें दूसरा रास्ता अख्तियार करना पडेगा ।

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