ग्रामीण भारत बंद: किसानों ने आज कई चीनी मिलों को सप्लाई नहीं किया गन्ना

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लखनऊ: किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर आज ग्रामीण भारत बंद का आह्वान किया गया है। जिसका देश के कई राज्यों में असर दिख रहा है। इस बंद में गन्ना किसानों ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया।

उत्तर प्रदेश के कई गन्ना किसानों ने मिलों को गन्ना सप्लाई नहीं किया, जिसका असर चीनी मिल के पेराई पर पड़ता दीखता नजर आ रहा है।

ग्रामीण भारत बंद होने के अंतर्गत आज राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की टीम ने अपने अलग-अलग गांवों में कार्य किया। खबरों के मुताबिक, बिलाई समेत किसानों ने कई चीनी मिलों में गन्ना सप्लाई नहीं की।

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बिजनौर में 95 प्रतिशत गन्ने की आपूर्ति बंद रही और कई चीनी मिलों के सेंटर पर तौल नहीं हुई।

यह है किसानों की मुख्य मांगे: किसानों का संपूर्ण कर्ज मुक्त किया जाए। माननीय स्वामीनाथन की सिफारिश के अनुसार लागत के डेढ़ गुना दाम देने का कानून बनाया जाए। पूर्व बकाया गन्ना भुगतान में ब्याज सहित और वर्तमान गन्ना भुगतान 14 दिन के अंतराल में कराया जाए। आवारा पशुओं से फसलों के नुकसान से बचने के लिए स्थाई समाधान किया जाए। दूध उत्पादक किसानों को प्रति लीटर ₹5 सब्सिडी प्रदान की जाए। गन्ने की पत्ती जलाने से रोक हटाई जाए। 60 वर्ष से अधिक किसानों को ₹10000 मासिक पेंशन दी जाए। किसानों का आरोप है की फसल बीमा कंपनियां के द्वारा किसानों से पैसे तो लिए जाते हैं लेकिन किसानों को लाभ नहीं दिया जाता। जो भी किसानों का नुकसान हो, चाहे वह प्राकृतिक आपदा हो या आवारा पशुओं से उनको बीमा कंपनियां द्वारा मुआवजा दिलाया जाए आदि समस्याओं को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की मुहिम तेज रही।

आपको बता दे, ट्रेड यूनियन समित बैंक भी आज हड़ताल पर है। देश के किसान और श्रमिक संगठनों द्वारा किए गए ग्रामीण भारत बंद के कारण दूध, अनाज, फल एवं सब्जियों की आवक प्रभावित हुई। किसानों की लंबीत मांगों को लेकर देशभर के 250 किसान संगठनों ने इसका आयोजन किया।

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