किसानों की आमदनी २०२२ तक होगी डबल : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली : चीनी मंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ७२ वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के लाल किले से देश को संबोधित करते हुए कहा की, देश के किसानों का हित ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द ही नई कृषि निर्यात नीति लाने जा रही है, उससे देश के किसानों की आमदनी बढ़ जाएगी, यही नहीं २०२२ तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार गंभीर कदम उठा रही है ।

एमएसपी को किया 1.5 गुना

देश के किसानों की माली हालत सुधारने के लिए किसानों से राजनीतिक दलों तक और कृषि विशेषज्ञ भी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने की बात कई सालों से करते आ रहे हैं, लेकिन इसके पहले की किसी भी सरकार ने उसका अमल नही किया, लेकिन हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1.5 गुना किया । ताकि किसान को उसकी फसल का वाजिब दाम मिल सके ।

जल्द ही कृषि निर्यात नीति

प्रधान मंत्री ने कहा कि, 2022 तक कृषि आय को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया और सरकार वो लक्ष्य को पूरा करने के रास्ते पर है। बदलते समय में,देश के किसान वैश्विक बाजारों का सामना कर रहे हैं और उनके लिए सरकार कृषि निर्यात नीति पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा की, बीजेपी ने 2014 में किसानों को लागत का 1.5 गुना मूल्य देने का वादा किया था, और पिछले महीने, सरकार ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की और धान के लिए एमएसपी को 200 रुपये प्रति क्विंटल रिकॉर्ड स्तर से बढ़ा दिया । किसानों को उत्पादन लागत की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक दर देने के अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए अन्य खरीफ (ग्रीष्म ऋतु) फसलों के एमएसपी में भी इजाफा कर दिया है। कुछ लोगों को किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करने के बारे में संदेह था लेकिन सरकार का संकल्प दृढ़ था।

सरकार 99 सिंचाई परियोजनाओं को पुनर्जीवित करेगी

कृषि क्षेत्र की उपलब्धियां गिनते समय मोदी ने कहा, “देश रिकॉर्ड खाद्यान्न पैदा कर रहा है। किसान भी खेती के लिए सूक्ष्म सिंचाई, ड्रिप सिंचाई और स्प्रिंकलर का उपयोग कर रहे हैं, इसके अलावा सरकार 99 सिंचाई परियोजनाओं को पुनर्जीवित कर रही है। ताकि उससे जादा से जादा खेती को पानी मिल सके और फसल का उत्पादन भी बढ़े ।

बीज से बाज़ार तक…

मोदीजी ने कहा की, किसानों को बीज प्राप्त करने के साथ-साथ बाजार तक उनका उत्पादन पहुंचने में मदद करने के दृष्टिकोण के साथ, हम कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव ला रहे हैं। इसका उद्देश्य 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना है। आज, हमारा पूरा ध्यान कृषि क्षेत्र में परिवर्तन और आधुनिकीकरण लाने पर है। किसानों आमदनी बढाने में हम पूरी सिद्धत के साथ कम कर रहे है, हम मक्खन पर लकीर नहीं, पत्थर पर लकीर खीचने वाले है, (हमारे द्वारा उठाए गए निर्णय समय के साथ बदलते नहीं, हम पूरा करते है )

इथेनॉल उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया तेज

अपने करीब 90 मिनट के भाषण में मोदी ने नीले क्रांति और मधुमक्खी पालन, साथ ही सौर खेती जैसे नए रास्ते के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, भारत वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है और जल्द ही हम उसमे शीर्ष स्थान हासिल कर लेंगे। गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि, बीते कुछ सालों में इथेनॉल उत्पादन में गिरावट आई है। सरकार ने हाल ही में इथेनॉल निर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए चीनी क्षेत्र के लिए 8,500 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की। इथेनॉल उत्पादक कम्पनियों को सस्ता लोन देने पर भी जोर दिया है ।

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