कम पानी में गन्ने की बेहतर खेती करने वाले किसानों को मिलेगा बोनस

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नई दिल्ली, 24 जनवरी: केन्द्र सरकार देश में जल संरक्षण के लिए कृत संकल्पित है। इसके लिए एक और जहां गन्ने की खेती में जल संरक्षण करने के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर पद्धति को बढावा दिया जा रहा है, वहीं चीनी मिलों में जल ऑडिट को बढावा देने पर विचार भी किया जा रहा है। सरकार के जल संरक्षण के विजन पर बात करते हुए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार आने वाले दिनों में देश की सभी चीनी मिलों के संगठनों से बात कर इस तरह की पहल कर सकती है, जिसमें चीनी मिलो को जल संरक्षण से जुडे कार्यों की स्व ऑडिट कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। जल सरंक्षण ऑडिट में चीनी मिल द्वारा अपने मिल क्षेत्र में वर्षा जल का संग्रहण करने की रिपोर्ट के साथ कम से कम पानी का उपयोग कर मिल प्लांट को चलाने पर ध्यान देने की जानकारी देनी होगी। मंत्री ने कहा कि चीनी मिलों को अपने से संबद्द गन्ना किसानों को जल संरक्षण के प्रति जागरुक करने के साथ प्रौत्साहन भी करना होगा। जो गन्ना किसान कम पानी में गन्ने की बेहतर खेती करेंगे उन्हे बोनस लाभ या अन्य सहुलित दी जा सकती है। इससे एक ओर जहां गन्ना किसान जल संरक्षण के प्रति जागरुक होंगे वहीं दूसरी और चीनी मिलों में भी जवाबदेही आने से जल संरक्षण का भाव जगेगा। मंत्री ने कहा कि चीनी मिलों द्वारा इस तरह की पहल के कारण कम जल में गन्ने की खेती को बढावा देने से जमीन का भूजल स्तर उपर आ जाएगा वहीं चीनी मिलों द्वारा बोनस मिलने से गन्ना किसानों के लिए अतिरिक्त आय के श्रोत भी तैयार होंगे।

ग़ौरतलब है कि सरकार की इस पहल से एक ओर जहां गन्ने की खेती मे हो रहे जल के अत्यधिक दोहन को कम करने में मदद मिलेगी वहीं जल ऑडिट से चीनी मिलों में पानी के अनावश्यक इस्तेमाल को रोककर जल संरक्षण की सकारात्मक पहल को आगे बढ़ाने में मदद भी मिलेगी।

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