लॉकडाउन में कृषि कार्यों की छूट दिए जाने से चीनी मिलों तक गन्ना ले जाने में किसानों होगी सहुलियत

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दिल्ली/ बुलंदशहर, 17 अप्रैल: कोरोना की महामारी के बीच देश के किसानों को किसी तरह की समस्या न हो इसके लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय 20 अप्रैल से लॉकडाउन में कुछ ढील देने की तैयारी कर रहा है। वैसे तो आमजन को राहत देने के लिए कई क्षेत्रों में ये सुहलियत देने का काम होगा लेकिन खास तौर पर कृषि और किसानों को सहूलियतें दिए जाने पर जोर रहेगा। इसके पीछे सरकार का मकसद किसानों को खेतों में काम करने के साथ कृषि उत्पादों की बिक्री और कृषि अभियांत्रिकी से जुडी दुकानों को खोलने जैसी छूट देना है ताकि किसानों को परेशानी ना हो।

सरकार द्वारा लिए जा रहे किसान हितैषी निर्णयों पर हमारे संवाददाता ने जब दिल्ली में भारतीय किसान संघ के महासचिव मोहनी मोहन मिश्र से बात की तो उनका कहना था कि सरकार का ये फैसला राहत भरा है। पीडीएस, फल सब्जी, राशन. दूध, और अन्य तरह की छूट देने से किसानों को निश्चित तौर पर लाभ होगा। मिश्र ने कहा कि इन दिनों रबी की फसलों की कटाई चल रही है। किसान अपनी फसलों की कटाई और बिक्री को लेकर परेशान है ऐसे में सरकार के इस फैसले से किसानों की उम्मीदें बढ़ी हैं। मिश्र से जब पूछा गया कि इन सहुलियों से गन्ना किसानों को कितना फायदा होगा इस पर उनका कहना था कि गन्ना पैराई सत्र चल रहा है, गन्ना किसानों को मिलों तक गन्ना लाने ले जाने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में सरकार का ये कदम सराहनीय है। अब किसान भययुक्त होकर चीनी मिलों तक गन्ना लेकर जाएंगेँ। लेकिन यह सब के दौरान सोशल डिस्टेंस का भी पालन करना है।

लॉकडाउन में किसानों को मिलने वाली सहुलियतों पर गन्ना किसानों और चीनी मिलों को होने वाले फायदों के मसले पर बात करते करते हुए भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकेत ने कहा सरकार के फैसले का हम स्वागत करते है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बडा गन्ना उत्पादक राज्य है और यूपी में भी पश्चिमी यूपी में सबसे अधिक रकबा गन्ने की खेती का है। टिकेत ने कहा कि हम तो पहले से कह रहे थे कि सरकार को ये सहुलियतें पहले ही दे देनी चाहिए थी तो और फायदा होता।

राकेश टिकेत ने कहा कि हमारे खेतों में गन्ना की कटाई चल रही है। बाहर जाने के लिए अनुमित नहीं है इसलिए किसान मिल तक भी गन्ना नहीं ले जा पा रहे है। अब जब सरकार ने छूट देने के लिए कहा कि तो अच्छी बात है। अभी भी कई गन्ना किसानों का गन्ना खेत में खडा है। चीनी मिलों में चीनी का स्टॉक जमा हो रहा है अब इससे फायदा होने वाला है। हालाँकि राज्य सरकार ने कहा है कि जब तक किसानों के खेत में गन्ना खड़ा रहेगा तब तक चीनी मिलें पैराई सत्र बंद नहीं करेंगी। लेकिन पके हुए गन्ने को तो काटना जरूरी था फिर गन्ने की छिलाई भी हो रही है। इसलिए सरकार की पहल स्वागत योग्य है।

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