चीनी की कीमतों में ओर मंदे की आशंका, मिलों द्वारा चीनी बेचने की तय सीमा समाप्त

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Image Credits: money.bhaskar.com

केंद्र सरकार ने फरवरी और मार्च के लिए चीनी मिलों पर घरेलू बाजार में चीनी बिक्री के लिए जो मात्रात्मक प्रतिबंध लगाया था, वह 31 मार्च 2018 को समाप्त हो रहा है जबकि इसको आगे बढ़ाने के लिए अभी तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। ऐसे में अगले सप्ताह से मिलों द्वारा चीनी की बिक्री बढ़ाने की संभावना है जिससे मौजूदा भाव में और भी मंदा आ सकता है।

उत्तर प्रदेश में चीनी के एक्स फैक्ट्री भाव शनिवार को 2,950 से 3,025 रुपये और महाराष्ट्र में 2,900 से 2,950 रुपये प्रति क्विंटल रहे। दिल्ली में इस दौरान इसके भाव 3,250 रुपये प्रति क्विंटल रहे। उद्योग के अनुसार चालू पेराई सीजन 2017-18 में चीनी की उत्पादन लागत करीब 3,500 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा की आ रही है, ऐसे में मिलों को पहले ही घाटा लग रहा है। अत: भाव में और मंदा आया तो घाटा और बढ़ेगा।

चीनी के एक थोक कारोबारी के अनुसार पिछले दो महीनों से चीनी बेचने के लिए मिलों पर सीमा तय होने के कारण घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई कम थी, अत: सीमा हट जाने से चीनी की सप्लाई बढ़ेगी। वैसे भी चीनी मिलों के पास चीनी का स्टॉक बढ़ रहा है। जिसका असर इसकी कीमतों पर पड़ेगा।

उद्योग के अनुसार चालू पेराई सीजन 2017-18 में चीनी का रिकार्ड उत्पादन 295 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले पेराई सीजन में केवल 203 लाख टन का ही उत्पादन हुआ था। देश में चीनी की सालाना खपत 245 से 250 लाख टन की ही होती है। पहली अक्टूबर 2017 से 15 मार्च 2018 तक 258.06 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में केवल 175.5 लाख टन का ही उत्पादन हुआ था।

SOURCEOutlook Agriculture

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