पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उठाया संगूर चीनी मिल का मुद्दा

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बेंगलुरू: कर्नाटक में 30 अक्टूबर को होने वाले हानागल विधानसभा उपचुनाव का प्रचार तेज होने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने संगूर चीनी मिल का मुद्दा उठाकर भाजपा को घेरने की कोशिश शुरू की है। हनागल उप चुनाव जीतना मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के लिए प्रतिष्ठा का विषय है क्योंकि यह उनके गृह जिले हावेरी में है। जहां बोम्मई ने यह आश्वासन देकर माई शुगर के निजीकरण के मुद्दे पर पर्दा डालने में कामयाबी हासिल की है कि सरकार इसे पुनर्जीवित करने के लिए कदम उठाएगी।

Newindianexpress.com में प्रकाशित खबर के मुताबिक, घाटे में चल रही संगूर मिल को बाद में दावणगेरे के सांसद जी एम सिद्धेश्वर को लीज पर दे दिया गया। सार्वजनिक रैलियों और ट्विटर पर, सिद्धारमैया ने भाजपा के हानागल उम्मीदवार शिवराज सज्जनार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह चीनी मिल के उपाध्यक्ष थे, तो उन्होंने बोरियों को भी नहीं छोड़ा और पैसे कमाने के लिए उन्हें बेच दिया। सिद्धारमैया ने सज्जनार से सवाल किया की, 1959 सहकारिता अधिनियम के तहत की गई एक जांच में आपको 33 लाख रुपये चुकाने का निर्देश दिया गया था। क्या आप इसके बारे में भूल गए हैं?।

सज्जनार ने हालांकि पलटवार करते हुए पूछा कि सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री रहते हुए जांच का आदेश क्यों नहीं दिया। हालांकि बोम्मई सज्जनार के बचाव में आए और कहा कि कांग्रेस के शासन में मिल बंद थी, लेकिन अब बीजेपी के शासन में गन्ने की पेराई शुरू हो गई है।

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