फ्रांस ने चीनी उद्योग की मदद करने के लिए उठाया कदम

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पेरिस: चीनी उत्पादन में कमी के कारण, फ्रांस का चीनी उद्योग कठिनाइयों से जूझ रहा है जिसके चलते सरकार ने उद्योग की मदद करने के लिए कुछ अहम विवादास्पद कदम उठाये है।

फ्रांसीसी सांसदों ने मंगलवार को एक बिल को मंजूरी दी, जिसमें चुकंदर उत्पादकों को उन कीटनाशकों का उपयोग करने की अनुमति दी गई है, जो मधुमक्खी की रक्षा के लिए प्रतिबंधित हैं। चुकंदर फसल की बीमारी से प्रभावित किसानों द्वारा सरकार के इस कदम का स्वागत किया गया है, लेकिन पर्यावरण प्रेमी समूहों द्वारा सरकार की कड़ी निंदा की गई है।

रायटर्स के मुताबिक, ग्रीनपीस फ्रांस के प्रचारक क्लेमेंट सेनचेल ने एक बयान में कहा, इतिहास इस बात को याद रखेगा कि वैज्ञानिक साक्ष्य और जनमत के दबाव के बावजूद, यह सरकार मिट्टी, जानवरों और हमारे भोजन की विषाक्तता को बढ़ावा देती है।

कृषि मंत्री जूलियन डेन्मरमंडी ने ड्राफ्ट बिल पर बहस के दौरान नेशनल असेंबली को बताया कि, यह फैसला चीनी में फ्रांस की आत्मनिर्भरता की रक्षा के लिए बनाया गया है और यह पर्यावरण विरोधी नहीं है। किसानों को 1 जुलाई 2023 तक चुकंदर के बीजों पर नेनिकोटीनोइड्स का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि, सरकार का यह फैसला मधुमक्खियों के अस्तित्व को धोका पहुंचा सकता हैं। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, यूरोपीय संघ के शीर्ष चीनी उत्पादक फ्रांस में इस साल चुकंदर का 420,000 हेक्टेयर रोपण किया गया है।

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