गोवा की इकलौती चीनी मिल में इस सीजन नहीं होगा कोई उत्पादन

447

पंजिम: गोवा के गन्ना किसान उम्मीद कर रहे थे कि राज्य की इकलौती संजीवनी चीनी मिल जल्द ही शुरू होगी, लेकिन राज्य सरकार द्वारा की गई घोषणा से किसानों की उम्मीद टूट गई है। पेराई सत्र शुरू होने के कगार पर है, और सरकार ने इस साल चीनी उत्पादन शुरू नहीं करने का फैसला किया है।

सहकारिता मंत्री गोविंद गौड ने कहा, “चीनी मिल इस सीजन में संचालन नहीं करेगी। चीनी मिल की रखरखाव लागत 6 करोड़ रुपये आंकी गई है, और मिल को चलाने के लिए इतनी बड़ी राशि का निवेश संभव नहीं है।”

इससे पहले, ऐसी रिपोर्टें थीं कि यदि संकट जारी रहता है, तो इथेनॉल जैसे वैकल्पिक उत्पादों को चुना जा सकता है। इससे किसानों और मिल कर्मचारियों में आशा जगी थी। गन्ने की अनुपलब्धता और विभिन्न कारणों से मिल ने 101.22 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है। सरकार ने सुनिश्चित किया कि किसानों द्वारा उत्पादित गन्ने को बाजार मूल्य पर खरीदा जाएगा। राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने किसानों को आश्वासन दिया था कि इस सीजन में गन्ने का उत्पादन करने वालों को कोई नुकसान नहीं होगा। सरकार इन किसानों को समर्थन मूल्य प्रदान करने के अलावा, उनका गन्ना खरीदेगी और अन्य राज्यों के चीनी मिलों को आपूर्ति करेगी।

इससे पहले कई गन्ना संगठनों और समूहों ने राज्य के मंत्रियों से मुलाकात की और उन्हें आने वाले सत्र में चीनी मिल संचालित करने के लिए आग्रह किया था। स्थानीय राजनेताओं ने कारखाने बंद होने पर सरकार को चेतावनी भी दी थी। विधायक प्रसाद गौनकर ने धमकी दी थी कि अगर सरकार ने चीनी मिल बंद किया तो पंजिम की सड़कों पर किसानों के साथ आंदोलन किया जाएगा।

यह न्यूज़ सुनने के लिए इमेज के निचे के बटन को दबाये.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here