फर्जी GST चालान : सरकार ने दर्ज किये लगभग 1,800 मामले

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नई दिल्ली: चीनी मंडी

सरकार ने तीन वर्षों में जाली जीएसटी चालान के तहत हो रही 11,500 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी का पता लगाया है। केंद्र सरकार ने 2017-18 के बाद से नकली जीएसटी चालान जारी करने के लिए लगभग 1,800 मामले दर्ज किए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जब अधिकारियों ने 1,220 मामले दर्ज किये जिसमें लगभग 9,500 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी। सरकार ने राज्यसभा को सूचित किया कि, जीएसटी के तहत उपलब्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा करने के लिए तीन साल में फर्जी जीएसटी चालान जारी करने के 1,796 मामले दर्ज किए गए हैं।

वित्त वर्ष 2017-18 के पिछले 9 महीनों में, केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड ने 14.15 करोड़ रुपये की राशि वाले नकली जीएसटी चालान जारी करने के लिए केवल 8 मामले दर्ज किए। कम संख्या में मामलों को लचर प्रवर्तन के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था क्योंकि कर अधिकारियों को कर प्रणाली को स्थिर करने में रुचि थी जिसे स्वतंत्रता के बाद देश की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली का सबसे बड़ा ओवरहाल माना जाता है। हालांकि, अगले साल से, सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया और उसने 9,470 करोड़ रुपये की राशि वाले नकली जीएसटी चालान जारी करने के लिए 1,220 मामले दर्ज किए।

इस वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों में, सरकार ने पहले ही इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने के लिए नकली जीएसटी चालान जारी करने के लिए 568 मामले दर्ज किए हैं। इनमें 2,034 करोड़ की राशि शामिल है। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा को सूचित किया कि पिछले तीन वर्षों में, सरकार ने कर रियायतों का दावा करने के लिए नकली जीएसटी चालान जारी करने के लिए कुल 1,796 मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में शामिल कुल राशि 11,518.55 करोड़ रुपये है।

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