सरकार जल्द नयी सहकारिता नीति की घोषणा करेगी: अमित शाह

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नई दिल्ली : केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि, सरकार जल्द ही एक नई सहकारी नीति की घोषणा करेगी, जो भारत के ग्रामीण समाज को बढ़ावा देगी और केंद्र राज्यों के साथ मिलकर काम करेगा। शाह ने यहां पहले राष्ट्रीय सहयोग सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि, देश के करीब 91 फीसदी गांवों में छोटी या बड़ी सहकारी संस्थाएं है। शाह ने यह भी घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACs) की संख्या बढ़ाकर 3 लाख कर दी जाएगी।

शाह ने कहा कि, सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पीछे प्रधानमंत्री मोदी का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए, ग्रामीण क्षेत्रों के सबसे वंचितों के लिए विकास को सुलभ बनाना है। सरकार ने 2021 में केंद्रीय बजट में सहकारिता मंत्रालय के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने कहा, सहयोग मंत्रालय देश के विकास में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। हमें नए सिरे से सोचना होगा, नए सिरे से रूपरेखा तैयार करनी होगी, काम के दायरे का विस्तार करना होगा और पारदर्शिता लानी होगी। शाह ने कहा कि, सहकारी समितियां देश के विकास में बहुत योगदान दे सकती हैं और भारत को 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

देश के विकास में अमूल और लिज्जत पापड़ जैसी सहकारी समितियों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए, शाह ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2020-2021 में क्रमशः 53,000 करोड़ रुपये और 16,00 करोड़ रुपये को पार कर लिया है और इस बात पर प्रकाश डाला कि इसके पीछे महिलाओं की बड़ी भूमिका है। सहकारिता की सफलता आज बड़ी संख्या में महिलाएं और किसान इन दो सहकारी समितियों से जुड़े हुए हैं और अपनी आजीविका कमा रहे हैं। 36 लाख किसान अमूल से जुड़े हैं जबकि 45,000 महिलाएं लिज्जत पापड़ से जुड़ी हैं।

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