भारत सरकार द्वारा चीनी उद्योग को सब्सिडी देने से वैश्विक बाजार प्रभावित

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भारतीय सरकार ने बुधवार को २०१८-१९ (अक्टूबर-सितंबर) सत्र के लिए ५० लाख टन चीनी निर्यात अनिवार्य की घोषणा की। चीनी निर्यात में मिलों की सहायता के लिए, सरकार ने तीन स्तरीय परिवहनसब्सिडी मुहैया करवाई है,  साथ ही प्रतिटन  गन्ना उत्पादन सब्सिडी १३९  रूपये की घोषणा की । निर्यात सब्सिडी, उत्पादन और परिवहन सब्सिडी को मिलाकर कुल रकम प्रति टन  $१५०  हो जाती  है।अनुमानित ३०० लाख मेट्रिक टन गन्ना उत्पादन के साथ  प्रति मेट्रिक टन जुड़ी सब्सिडी ८३४० रुपये (११५ डॉलर / मीटर)  होती है।  चीनी निर्यात परिवहन सब्सिडी निकटतम बंदरगाह से चीनी मिल की दूरी केआधार पर रुपये १००० , रुपये २५०० और रुपया ३००० के तीन स्लैब दिए गये है ।

न्यूयॉर्क वायदा बाजार में कच्चे चीनी की कीमत ४६ अंक टूटी…

भारत की सब्सिडी के फैसले का विश्व बाजारों  पर नकारात्मक प्रभाव दिखाई दिया, न्यूयॉर्क नं .११  चीनी वायदा बाजार में  कच्चे चीनी की कीमत गिरकर १० साल के निचले स्तर पर १०.१३ सेंट हुई । आईसीईके आंकड़ों से पता चलता है कि,  जून २००८  में कच्चे चीनी की कीमत ९.४४ सेंट थी ।  लंदन नं .५ चीनी वायदा बाजार में  सफेद चीनी की कीमत गिरकर १3.00  डॉलर  हो गई ।

भारत की सब्सिडी का ब्राजील चीनी उद्योग को लगेगा झटका…

निर्यात के लिए, भारतीय कच्ची चीनी लगभग १२-१२.०५ सेंट / एलबी में उपलब्ध होगी। भारतीय  सफेद चीनी अब सब्सिडी के हिसाब से $२७५ – $२८०  मेट्रिक टन पर उपलब्ध होंगी । बांग्लादेश, संयुक्तअरब अमीरात और चीन में जाने वाले भारतीय कच्चे माल के ढुलाई में मध्य -दक्षिण ब्राजील द्वारा होनेवाली निर्यात की तुलना में लगभग ५० अंक ($११ / एमटी) का फरक  है। बाजार सूत्रों ने बताया कि, शुक्रवार को अक्टूबर का एनवायई ११ वायदा १०.९१ सेंट / एलबी पर बंद हुआ। यानि की  एनवायई कच्चे चीनी वायदा को भारतीय कच्चे चीनी से प्रतिस्पर्धा करने के लिए ५०-१०० अंकों की रैली की जरूरतहै।

भारत की कच्ची चीनी का रंग भी फायदेमंद…

एक मध्य पूर्वी व्यापारी ने कहा की, भारतीय कच्चे चीनी के पक्ष में एक और चीज है और वो है रंग । ब्राजील की ६००-७०० इक्युम्सा और थाईलैंड की २५०० – ३००० आईसीयूएमएसए की तुलना में भारतीयकच्ची चीनी २००-३०० इक्युम्सा  सबसे अच्छे रंगों में से एक है।  व्यापारियों ने कहा कि,  भारत से कच्ची चीनी खरीदने वाली रिफाइनरियों को  छोटे से प्रीमियम का भुगतान नहीं करना पड़ेगा क्योंकि भारतीयचीनी का बेहतर रंग रिफाइनरियों को कुछ परिष्कृत लागत बचाता है। सुदूर पूर्व और पूर्वी अफ्रीकी देशों में थाई के सफेद चीनी से प्रतिस्पर्धा हो सकती है, जिसमें लंदन शुगर वायदा बाजार में  प्रति मेट्रिक टन३२-३७ डॉलर का अंतर हैं। इस बीच, थाई ४५i परिष्कृत चीनी का मूल्यांकन अगले महीने परिष्कृत चीनी वायदा बाजार के लिए प्रति मेट्रिक टन $२० किया गया था।

भारत सरकार द्वारा किसान हितैशी निर्णय…

अगले साल भारत में आम चुनाव के साथ  कुछ महत्वपूर्ण राज्यों में  चुनाव होने के कारण सरकार किसान हितैशी फैसले ले रही है, चीनी की बम्पर उत्पादन से घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में गिरावट हुईहै,  जिसके परिणामस्वरूप गन्ना किसानों का भुगतान भी मुश्किल हो गया है, उससे बकाया बढ़ रहे हैं । वर्तमान में किसानों का बकाया करीब १.८ अरब डॉलर है ।

घरेलू बाज़ार में चीनी की कीमत अबतक २३% गिरी…

भारत में घरेलू बाजार में चीनी की कीमत सीजन की शुरुआत से २३% गिर गई, एनसीडीईएक्स कोल्हापुर बाजार में बुधवार को चीनी की कीमत ४३० डॉलर प्रति टन हो गई है। जुलाई में भारत सरकार ने२०१८-१९ सीजन

 

 

SOURCEChiniMandi

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