टिड्डी दल के आक्रमण से गन्ने की फसल को हुआ नुकसान; चीनी मिल में गन्ने की आपूर्ति प्रभावित

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29 जनवरी: पाकिस्तानी सीमा से सटे राज्यों राजस्थान और पंजाब में पाकिस्तान से आए टिड्डी दल ने बीते साल नवम्बर से प्रभावित किया था जो अभी तक जारी है। राजस्थान के जैसलमेर में फैले टिड्डयों के आतंक ने अब प्रदेश के अन्य जिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। पंजाब की सीमा से होते हुए टिड्डियों ने पहले पंजाब में गन्ने की फसल को नुकसान किया बाद में राजस्थान के गंगानगर में गन्ना फसल को नुक़सान पहुँचाया। हालांकि गन्ने की फसल के साथ सरसो, गेहूं और चना जैसी फसलों को भी नुकसान हुआ है।

पंजाब कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी काहन सिंह के अनुसार बीते 20 सालों में ये टिडडी का सबसे बडा हमला है। राजस्थान से सटे श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में भी कुछ इसी तरह की खबरें है। दोनों जिलों में गन्ना, गेंहू और सरसों की फसलों को टिड्डी दल समूह ने नुकसान पहुंचाया है। टिड्डी दल के प्रकोप से श्रीगंगानगर के रणकपुर और आसपास के खेतों में गन्ने की फसल को भी नुक़सान की सूचना मिली है। गन्ने की फसल में नुक़सान के चलते प्रदेश के गंगानगर में चल रही एक मात्र चीनी मिल में गन्ने की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है।

जोधपुर स्थित भारत सरकार के टिड्डी नियंत्रण दल के इन्ट्रीगेटेड पेस्ट मैनमेंट विभाग के संयुक्त निदेशक केएल गुर्जर ने कहा कि बीते दो दशक में ऐसा पहली बार देखने में मिला है कि तकरीबन छ माह में दूसरी बार टिट्डी दल ने दस्तक दी है। छ माह पहले बाडमेर जैसलमेर से भारतीय सीमा में प्रवेश किए इस दल पर कुछ हद तक नियंत्रण पा लिया गया थ । उस वक्त फसलों में कोई खास नुक़सान नहीं हुआ था लेकिन हाल ही में पंजाब के भटिंडा, मुक्तसर साहिब, फाजिल्का इलाकों के रास्ते श्रीगंगानगर में आए टिड्डी समूह ने यहां अन्य फसलों के साथ साथ गन्ने की फसल को भी अपने चपेट में लिया है। इससे गन्ने की फसल को नुकसान होने से गन्ने का उत्पादन भी गिरने की संभावना है। गुर्जर ने कहा कि टिड्डी दल पर नियंत्रण किया जा रहा है, जल्द ही इस पर पूरी तरह काबू कर लिया जाएगा।

राजस्थान के पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पाल टीटी ने कहा कि अभी प्रदेश में गन्ने की पैराई चल रही है। यहां पर स्थित एक मात्र चीनी मिल गंगानगर शुगर मिल में पंजाब के सीमावर्ती जिलों से सटे फाजिल्का, भटिंडा,मुक्तसर साहिब, के इलाकों के किसान गन्ना लेकर आते है। अब यहां पर भी गन्ने की फसल पर टिड्डियों के आक्रमण के कारण नुकसान की खबरें आ रही है। इसके अलावा श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के कुछ इलाकों में गन्ने की फसल में टिड्डियों के हमले से हो रहे नुकसान के कारण चीनी मिल में गन्ने की आपूर्ति प्रभावित होने का आशंका है।

गन्ने की फसल को टिड्डियों से हो रहे नुक़सान पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीगंगानगर के रणकपुर के किसान गुरमान सिंह ने कहा कि गन्ना, गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। हम लोग खेतों में थाली और ढोल बजाकर टिड्डियों को भगा रहे है। सरकार के लोग भी आ रहे है और स्प्रे कर रहे है। हमारी मांग है कि सरकार टिड्डियों से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा दे ताकि हम लोगों को वित्तीय मदद मिल सके।

भारत सरकार के केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान से होकर भारत में आए टिड्डी दल के प्रभाव को कम करने के लिए ड्रोन द्वारा छिडकाव किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है। टिड्डी नियंत्रण के लिए बेहतर प्रबंधन और उच्च तकनीक का प्रयोग कर गन्ने की फसलों टिड्डियों के हमले को काफी कुछ कम किया जा सकता है।

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