ग्राउंड रिपोर्ट: यहा लोकसभा चुनाव में गन्ना किसान करेंगे उम्मीदवारों की तकदीर का फ़ैसला

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बस्त्ती, 8 मई: उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की स्थिति और गन्ना बैल्ट में चुनावी मुद्दों की पडताल करने के लिए हमारी टीम पहुची है पूर्वांचल इलाके की बस्ती सीट पर जहां छटे चरण में 12 मई को वोटिंग है। ये सीट राजनीति रूप से खास मानी जाती है और यहां की जीत का निर्णायक आधार गन्ना किसान है।

यहां से सत्ताधारी भाजपा ने एक बार फिर अपने युवा सांसद हरीश द्विवेदी पर भरोसा जताया है तो बसपा महागठबंधन की ताकत के साथ सीट को अपने पाले में करना चाहती है। इन सबसे अलग कांग्रेस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की जद्दोजहद में लगी है। लेकिन सबकी जीत का आधार है ग्रामीण किसान मतदाता जो अधिकांश गन्ने की खेती करते है।

हमारी टीम ने सबसे पहले बस्ती के ग्रामीण इलाकों में जाकर गन्ना किसानों से बात की तो स्थानीय किसान जयदेव ने कहा कि हमारे यहां किसानों के लिए चीनी मिल का बडा मुद्दा था लेकिन स्थानीय सांसद ने इसी साल के शुरु में जनवरी माह में चीनी मिल की मरम्मत करवा दी इसलिए हम लोग ख़ुश है चीनी मिल चलने की स्थिति में आ गयी है। चाय की दुकान पर खडे अब्दुल भाई ने कहा कि हमारे यहां चीनी मिल बंद थी तो हम बेरोजगार थे लेकिन जब से डाल्टनगंज चीनी मिल शुरु हुई है हमें भी काम की उम्मीद है। गन्ना किसान मोहन सिंह बघेल ने बताया कि पहले हमें गन्ना पिराई के लिए दूर जाना होता था लेकिन अब डाल्टनगंज में चीनी मिल फिर से चलेगी तो हमें दूसरे जिसमें मे नहीं जाना पड़ेगा।

ग्रांउंड रिपोर्ट कवर करने के क्रम में हमारी टीम ने स्थानीय भाजपा प्रत्य़ाशी हरीश द्विवेदी से बातचीत की कि चीनी मिल आपने शुरु करवायी है लेकिन पांच साल आप सांसद रहे फिर जनवरी 2019 में क्यों शुरु हई ये मिल पहले भी तो कर सकते थे। तो उनका कहना था कि पहले हमारी सरकार नहीं थी प्रदेश में फिर जब सरकार बनी कई तकनीकी पेचिदगियां थी जिन्हें दूर करने में समय लगा तब जाकर डाल्टनगंड चीनी मिल चालू हुई है। अब यहाँ के किसान खुश है। द्विवेदी ने कहा कि विपक्ष की राजनीति के कारण मिल की मरम्मत नहीं हो सकी थी इसी लिए देरी हुई। ये बात तो आपको विपक्ष से पूछनी चाहिए।

बस्ती से सपा बसपा गठबंधन कोटे में बसपा को सीट मिली है। बसपा से पूर्व सांसद राम प्रसाद चौधरी मैदान में है। चीनीमंडी संवाददाता से बातचीत में उन्होने बताया कि बस्ती में जो विकास हुआ है वो बसपा सरकार के कार्यकाल में हुआ है। हालाँकि डॉल्टनगंज चीनी मिल होने के बंद होने का उन्होने कोई जवाब नहीं दिया।

चुनाव के महासमर में मतदाताओं के बीच हाथ जोड़ते प्रचार में मशगूल सपा सरकार में मंत्री रहे राज किशोर सिंह इस बार कांग्रेस के टिकट पर यहाँ से चुनाव लड़ रहे हैं। चुनावी मुक़ाबले को त्रिकोणीय रूप देने में लगे राजकिशोर से जब हमने पूछा कि आप मंत्री रहे है लेकिन गन्ना किसानों की हालत यहाँ दयनीय रही क्यों रही। डॉल्टनगंज चीनी मिल की मरम्मत के लिए आप अपनी सरकार से पैसा नहीं दिला पाये तो उन्होने कहा कि हमने किसानों के हित के लिये बहुत कुछ किया है, किसानों की तथाकथित हितेषी बनने की दावा करने वाली पार्टियाँ ख़ुद किसानों का बदहाली की ज़िम्मेदार है।

हमारी टीम ने पाया कि बस्ती में विकास का मुद्दा हावी है साथ ही बंद चीनी मिल को फिर से शरू करने का मुद्दा भी चर्चित है। लेकिन बस्ती के किसान किस प्रत्याशी पर रहेंगे मेहरबान ये तो आगामी 23 मई को मतगणना के बाद ही पता चलेगा लेकिन ये साफ है कि किसानों के साथ वादे और मान मनोव्वल करने में जुटे राजनीतिक दलो को किसानो की तरफ़ से सीधा सीधा आश्वासन कुछ नहीं मिल रहा।

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