हरियाणा सरकार सहकारी चीनी मिलों को देगी वित्तीय मदद

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नई दिल्ली, 19 अगस्त: हरियाणा सरकार प्रदेश में कृषि क्षेत्र का कायाकल्प कर ग्रामीण युवाओं के लिए रोज़गार के विकल्प तैयार कर रही है। प्रदेश के कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनकड ने राजधानी दिल्ली के पूसा संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया से बात करके हुए कहा कि हरियाणा प्रदेश राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नज़दीक है इसलिये यहाँ पैरी एग्रीकल्चर को बढावा देकर किसानों की आमदनी बढाने का काम किया जा रहा है, साथ ही युवाओं को जॉब ऑरियेंटेड बनाने के लिए सहकारी चीनी मिलों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर जॉब अपोर्चुनिटी तलाशी जा रही है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि विषय से पढ़े लिखे युवाओं को जॉब मिले इसके लिये सहकारी चीनी मिलों में ख़ाली पड़े पदों की रिपोर्ट तलब की जा रही है। प्रदेश में चल रही सहकारी चीनी मिलों में सालों से कई पद रिक्त पड़े है उनको भरने के लिए सरकार ने मिशन मोड़ कर काम करना शुरु कर दिया है। इस क्रम में पहले उन चीनी मिलों का चयन किया जा रहा है जहाँ काम ज्यादा है एवं बड़े स्तर पर गन्ना पैराई के लिए आता है। दूसरे चरण में उन चीनी मिलों की स्टेटस रिपोर्ट ली जा रही है जहाँ वित्तीय कमी के कारण चीनी मिलों की स्थिति दयनीय है और पद भी रिक्त है। ऐसी चीनी मिलों में ख़ाली पड़े पदों को भरने के साथ उनके जीर्णोद्धार के लिए वित्तीय मदद की योजना है।

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार की इस से पहल एक ओर युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे वहीं चीनी मिलों का कायाकल्प होने से उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।

मंत्री धनकड ने कहा कि कृषि विषय में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे गाँवों से आते है। जब उनको जॉब नहीं मिलती है तो वो दूसरे फिल्ड में न चाहते हुए भी मजबूरी में काम करते है। इससे कृषि विकास रूकता है और युवाओं के मन में निराशा का भाव जगता है।

कृषि मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के विकास के लिए गंभीर है। इसलिए कृषि की तरफ़ युवाओं का रुझान रहे और वो खेती से विमुख ना हो इसलिए इस तरह की पहल की जा रही है। धनकड ने कहा कि सरकार आने वाले दिनों में अन्य सरकारी उपक्रमों में भी रिक्त पड़े पदों को भरने का काम करेगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि नीजि क्षेत्र की जो भी चीनी मिलें है जो सरकार से किसी भी तरह से रियायत या अनुदान ले रही है उनमें भी हमारा प्रयास रहेगा कि युवाओं के लिए जॉब के अवसर बने।

कृषि मंत्री ने कहा कि चीनी मिलों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें चीनी मिलों में ख़ाली पड़े पदों को भरने के लिए कैम्पस इन्टरव्यू के जरिए युवाओं का कृषि विश्वविद्यालयों में चयन कर उनको जॉब ऑफ़र देने का काम शुरु होगा।

हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ केपी सिंह ने कहा कि सरकार की इस पहल से कृषि विषय से पढ़े लिखे युवाओं को अपने ही प्रदेश में जहाँ जॉब के अवसर मिलेंगे वहीं बेरोज़गारी दर में कमी आने के साथ चीनी मिलों को भी अच्छे और टैलेंटेड प्रोफ़ेसनल्स मिलेंगे।

सरकार की इस पहल पर बात करते हुए हरियाणा के रोहतक कॉपरेटिव सुगर मिल के प्रबंध निदेशक गगन सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार की पहल का हम स्वागत करते है। इससे चीनी मिलों और युवाओं को फ़ायदा होगा। हुड्डा ने कहा कि हम तो सरकार से काफ़ी समय ये माँगे कर रहे थे कि सहकारी चीनी मिलों में ख़ाली पदों को भरा जाए और अपेक्षित लाभ मे नहीं चल रही सहकारी चीनी मिलो को वित्तीय मदद देकर उन्हें बदहाली से बाहर निकाला जाए। ताकि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिले और तकनीकी सुविधाएँ बढ़ाकर मिलों को अपग्रेड किया जा सके। अब सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लिया है तो ज़ाहिर सी बात है इससे चीनी मिलों की स्थिति में सुधार होगा तो प्रदेश के विकास को भी गति मिलेगी।

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