गन्ना किसानों के सामने मजदूरों की कमी का संकट

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सोनीपत, हरयाणा: कोरोना महामारी का संकट अब किसानों तक पहुँच गया है। कोरोना के चलते गन्ना पेराई में बाधा आ रही है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए गन्ना मजदुर अपने गावों की तरफ पलायन कर रहें है, जिसका सीधा असर गन्ना कटाई पर हो रहा है। गन्ना उत्पादक किसानों की परेशानी बढ़ गई है। गन्ना श्रमिकों की कमी से निपटने की कोशिशों में किसान जुटी हैं। श्रमिकों की किल्लत के चलते बचे कुचे मजदुर किसानों से ज्यादा पैसों की मांग कर रहे है।

हरिभूमि डॉट कॉम में प्रकाशित खबर के मुताबिक, चौ. देवीलाल चीनी मिल क्षेत्र में अभी भी खेतों में करीब ढ़ाई लाख क्विंटल गन्ना खड़ा है। किसान गन्ने की फसल की छिलाई के लिए गावों में जाकर श्रमिक ढूंड रहें है। किसानों को गन्ने की छिलाई के साथ गन्ने की बिजाई भी करनी पड़ रही है। आमतौर पर गन्ने की छिलाई 45 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन 15 अप्रैल के बाद जैसे ही गर्मी बढ़ती है वैसे ही गन्ने की छिलाई का रेट भी बढ़ता है। किसानों को 70 से 100 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने की छिलाई देनी पड़ रही है।

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