हरियाणा: यमुनानगर के गन्ना किसानों को राहत

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यमुनानगर :गेहूं और सरसों उत्पादक किसान मौसम की खराब स्थिति और मजदूर की कमी के कारण अपनी तैयार फसल को लेकर चिंतित हैं, लेकिन यमुनानगर जिले के गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर है। स्थानीय प्रशासन ने 30 मार्च को लॉकडाउन के बाद बंद किए गए 245 गुड़ इकाइयों को फिर से शुरू करने की अनुमति दी है। उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा की, हमने गन्ना उत्पादकों के हित में गुड़ इकाइयों को शुरू करने की अनुमति दी है। यमुनानगर जिले को 85,000 एकड़ गन्ना फसल क्षेत्र के कारण हरियाणा का प्रमुख गन्ना केंद्र माना जाता है।

स्थानीय किसान यमुनानगर के सरस्वती चीनी मिलों को गन्ने आपूर्ति करते हैं और मिल ने चालू पेराई सत्र में 160 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा है। गन्ने और गेहूं की कटाई एक साथ करना मुश्किल है। गेहूं की कटाई शुरू करने से पहले, किसान गन्ने की फसल खत्म करना चाहते हैं। इसलिए, गुड़ इकाइयाँ इस स्तर पर गन्ने की पेराई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यमुनानगर के अतिरिक्त गन्ना विकास अधिकारी सूरजभान ने कहा, हमें उम्मीद है कि इस साल जिले में अनुकूल जलवायु परिस्थितियों के कारण गन्ने का उत्पादन 300 से 350 क्विंटल प्रति एकड़ रहेगा।

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