पिछले 10 वर्षों के मुकाबले मिलें इस सीजन करेगी रिकॉर्ड चीनी निर्यात

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कोरोना वायरस महामारी के बावजूद, भारत इस सीजन में पिछले 10 वर्षों के मुकाबले सबसे अधिक चीनी निर्यात कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक जून के अंत तक, देश ने ईरान, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों के साथ 49 लाख टन चीनी निर्यात अनुबंध किये है, जो भारतीय चीनी के लिए सबसे लोकप्रिय बाजार के रूप में उभर रहा है।

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) के महानिदेशक अविनाश वर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा की, अगले कुछ महीनों में एक और 4-5 लाख टन चीनी को निर्यात करने की संभावना है। उन्होंने कहा, अगले चीनी सीजन की शुरुआत से पहले कुल निर्यात 60 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले 53-54 लाख टन के बीच हो सकती है। उन्होंने कहा कि, लक्ष्य से कम निर्यात के लिए ज्यादातर कुछ मिलों की निर्यात में अनिच्छा कारण बना।

चीनी निर्यात अपने लक्ष्य से कम होने के बावजूद, देश में इस सीजन में सबसे अधिक निर्यात रिकॉर्ड किया जाएगा। 2018-19 में, देश से 38 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया था। इस साल भारतीय चीनी की ईरान, मलेशिया, इंडोनेशिया, श्रीलंका और अफगानिस्तान से अच्छी मांग रही है। 2019 – 20 चीनी सीजन की शुरुआत अधिशेष चीनी स्टॉक से हुई थी। मिलों को किसानों को भुगतान करने के लिए तरलता उत्पन्न करने में मदद करने के लिए केंद्र सरकार ने मिलों को अपना स्टॉक निर्यात करने के लिए 10,448 रुपये प्रति टन सब्सिडी की घोषणा की थी।

उन्होंने कहा, “अगले सीजन के लिए 305 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है, और इसलिए हम निर्यात के लिए 60-70 लाख टन के कोटा की उम्मीद कर रहे हैं। थाईलैंड का चीनी उत्पादन अगले सीजन में 80 लाख टन होने की उम्मीद है, जबकि उसकी सामान्य उत्पादन क्षमता 140 लाख टन है। भारतीय मिलर्स उन बाजारों को फिर से सेवा दे सकते हैं जिन्हें आमतौर पर थाईलैंड द्वारा पूरा किया जाता है।”

निर्यात / चीनी (लाख टन में) : 2009-10 ( 2.35), 2010-11 (26), 2011-12 (29.92), 2012-13 (3.48), 2013-14 (21.27), 2014-15 (10.94), 2015-16 (16.56), 2016-17 (0.46), 2017-18 (4.64), 2018-19 (38)

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