पोक्का बोइंग रोग से सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल प्रभावित

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त्रिची: पोक्का बोइंग बीमारी से तंजावुर के पापनासम में सैकड़ों किसानों के लिए गन्ने की खेती कड़वी हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अपनी फसल की रक्षा करने में असमर्थ, निराश किसानों ने पांच महीने पुरानी फसल को नष्ट करना शुरू कर दिया है। पापनासम ब्लॉक के वीरमणगुड़ी, गणपति अग्रहारम, सोमेश्वरपुरम और मनालूर और तिरुवैयारू के इचंगुडी, पेरामुर, ओक्का कुडी जैसे क्षेत्रों के किसानों ने 1,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में गन्ना उगाया है। इनमें से करीब 300 एकड़ में उगाई गई फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। किसानों ने कहा कि, यह बीमारी आसपास के खेतों में भी तेजी से फैल रही है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक, पापनासम में किसानों ने कहा कि बीमारी से प्रभावित होने के बाद फसल की वृद्धि धीरे-धीरे कम हो गई है। किसानों ने कहा, गन्ना उगाने के लिए प्रति एकड़ लगभग 1 लाख खर्च करते हैं, और अब तक हम 30,000 खर्च कर चुके हैं और पूरा पैसा चला गया है।किसानों ने कृषि अधिकारियों से अपने खेतों का दौरा करने, नुकसान का पता लगाने और बीमारी से निपटने का समाधान खोजने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि चूंकि गन्ने के लिए कोई फसल बीमा नहीं है, इसलिए अप्रत्याशित नुकसान की स्थिति में किसानों को मुआवजा नहीं मिलेगा। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि, हम कल फसल की जांच करेंगे। हम समझते हैं कि हम रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से रोग को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। हम एक प्राकृतिक विधि का उपयोग करके बीमारी से छुटकारा पा लेंगे।

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