कच्चे तेल के आयात को कम करने के लिए इथेनॉल उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया

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नागपुर: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा की , वर्तमान में, भारत में कच्चे तेल आयात बड़ी तादाद में किया जा रहा है। आयातित कच्चे तेल की यह भारी मात्रा देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी समस्या है। अब, सरकार इस आयात को कम करके आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित कर रही है, और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बायोफ्यूल सबसे अच्छा विकल्प है। बिजली के वाहनों के लिए विनियामक आवश्यकताओं के विषय पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वे बोल रहे थे। इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में अन्नसाहेब पाटिल, अमित वर्धन, कैप्टन रत्नापारखी, हेमंत काबरा, संजय गंजू और अन्य शामिल थे।

उन्होनें कहा की, कच्चे तेल का भारी आयात देश के लिए अच्छा नहीं है। देश को प्रदूषण के खतरे का भी सामना करना पड़ता है, इसलिए जैव ईंधन का उपयोग समय की जरूरत है। सरकार वायु प्रदूषण में कटौती करने और कच्चे तेल के आयात को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के अलावा इथेनॉल और बायोडीजल सहित कई प्रकार के पर्यावरण के अनुकूल ईंधन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। भारत में पर्याप्त मात्रा में चीनी, गेहूं और मक्का का उत्पादन होता है। इस स्थिति में, देश को कच्चे तेल के आयात पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहिए और साथ ही साथ कृषि क्षेत्र को गन्ने जैसी सामग्री से इथेनॉल, मेथनॉल, सीएनजी और ब्यूटेन के निर्माण में मदद करनी चाहिए।

उन्होंने कच्चे तेल के आयात को कम करने के लिए इथेनॉल उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

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