प्रदूषण को रोकने के लिए वैकल्पिक ईंधन पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए: नितिन गडकरी

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नई दिल्ली : केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि, पेट्रोलियम उत्पादों का आयात बढ़कर 16 लाख करोड़ रुपये हो गया है और इसे कम करने की जरूरत है।साथ ही उन्होंने कहा की, पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री को हतोत्साहित किया जाना चाहिए। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के 62वें वार्षिक सम्मेलन में बोलते हुए मंत्री गडकरी ने कहा कि, प्रदूषण को रोकने के लिए पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री को हतोत्साहित करने की जरूरत है और वैकल्पिक ईंधन पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

मंत्री गडकरी ने SIAM से आयात पर निर्भरता कम करने के तरीके खोजने को कहा। मंत्री गडकरी ने कहा कि, यह इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उद्योग को विकसित करने और 2/3/4 पहिया वाहनों के साथ-साथ बसों के उत्पादन को बढ़ाने का समय है। गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने वाले सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, मेरा सपना एक इलेक्ट्रिक हाईवे लॉन्च करना है। मेरे पास विचारों के साथ आओ, मेरे पास पैसा और अन्य संसाधन भी बहुत है।गडकरी ने यह भी कहा कि, भारत को रोपवे, केबल कार और हाइपरलूप जैसी तकनीकों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कंपनियों से अपने ईंधन को हरित हाइड्रोजन में बदलने का भी अनुरोध किया।

एथेनॉल के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि, अधिक मात्रा में उत्पादित चीनी का उपयोग एथेनॉल उत्पादन के लिए किया जा सकता है। वाहन उद्योग को फ्लेक्स इंजन प्रौद्योगिकी का उपयोग करना चाहिए, जहां 100 प्रतिशत एथेनॉल का उपयोग किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ किसानों को भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि, आने वाले महीनों में देश में एथेनॉल पंप भी स्थापित किए जाएंगे।

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