इथेनॉल की कीमतों में बढ़ोतरी चीनी अधिशेष को कम करने में मदद करेगी: ISMA

1811

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को इथेनॉल की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA / इस्मा) ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है ।सरकार ने गन्ने के रस से उत्पादित इथेनॉल की मौजूदा कीमत 59.48 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 62.65 रुपये प्रति लीटर कर दी है। सी-हैवी मोलासेस से इथेनॉल की दर 43.75 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 45.69 रुपये प्रति लीटर और बी-हैवी मोलासेस से इथेनॉल की दर 54.27 रुपये प्रति लीटर से 57.61 रुपये हो गई है। इथनॉल की कीमतों में बढ़ोतरी के सरकार के फैसले की सराहना करते हुए, ‘इस्मा’ के महानिदेशक अविनाश वर्मा ने कहा, चीनी उद्योग इथेनॉल उत्पादन और आपूर्ति को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार के इस पहल का स्वागत करता है।

केंद्र सरकार का यह फैसला कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद इथेनॉल की कीमतों की समीक्षा के बारे में सभी संदेह को दूर करता है और केवल चीनी और गन्ने की कीमतों में इथेनॉल की कीमतों को जोड़ने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। सरकार का यह कदम न केवल 20 लाख टन अधिशेष चीनी उत्पादन को कम करने में मदद करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि हम 2022 तक सरकार के 10 प्रतिशत इथेनॉल सम्मिश्रण के लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम हैं। इससे सरकार पर चीनी उद्योग का विश्वास बढ़ेगा और वे अधिक इथेनॉल उत्पादन क्षमता में निवेश करने के लिए आकर्षित होंगे। जिससे अधिशेष चीनी को कम करने, इथेनॉल उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाने और गन्ने का समय पर भुगतान करने में मदद करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

भारत सरकार का उद्देश्य इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देना है। चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और तेल आयात में कटौती करने के लिए, सरकार ने मिलों को इथेनॉल उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा है।

यह न्यूज़ सुनने के लिए प्ले बटन को दबाये.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here