सरकार गन्ने की एफआरपी बढ़ाएगी – प्रधानमंत्री मोदीजी की घोषणा

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चिनिमिलों से गन्ने की बकाया राशि अदा करने में हो रही देरी के कारण उत्तर प्रदेश के किसानों की अस्वस्थता के मद्ये नजर अगले मौसम केलिए आनेवाले १५ दिनों में गन्ने की एफआरपी की घोषणा की जाएगी, जो प्रस्तुत मौसम से अधिक होगी. इसके साथ ही खरीफ के फसलों के न्यूनतम समर्थन कीमत की भी घोषणा अगले सप्ताह में की जाएगी. खुद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदीजीने अपने आवास पर किसानो से बातचीत करते हुए किसानों को आश्वस्त किया. देश के विभिन्न राज्यों से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदीजी से मिलने आये किसानों से बातचीत करते हुए उन्होंने किसानों की समस्याओं को ध्यान से सुना और उन्हें हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया.
गन्ना किसानों की बकाया राशि अदा करने केलिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की वजह से पिछले ७ से १० दिनों में गन्ना किसानों को लगभग ४००० करोड़ रुपया अदा करने में चीनी मिले कामयाब हो पायी है. केंद्र सरकार की ओर से २०१४-१५ तथा २०१५-१६ के चीनी मौसम में सरकार द्वारा कीये गए उपायों की वजह से २१००० करोड़ रुपयों की बकाया राशि किसानों को अदा करने में चीनी मिले कामयाब हो रही है. अभी भी उत्तर प्रदेश के किसानों को १३,१७० करोड़, महारष्ट्र के किसानों को १,७६५ करोड़, कर्नाटक के किसानों को १,४४६ करोड़ रुपया बकाया राशि अदा करना बाकी है. गन्ने की बकाया राशि अदा करने के लिए केंद्र सरकारने राज्य सरकारों से बिनती की है. खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन कीमत लागत के १५०% तक बढाने का फैसला अगले सप्ताह होनेवाले मंत्री मंडल की सभा में पारित किया जाएगा. इसकी वजह से किसानों की आय में अच्छी खासी वृद्धी होगी और ग्रामीण भारत और किसान आर्थिक रूप से समृद्ध होगा. गत माह में गन्ना किसानों की बकाया राशि अदा करने केलिए चीनी मीलों को राहत पॅकेज घोषित किया गया है. गत मौसम में ४९.४८ लाख हेक्टर के मुकाबले इस मौसम में ५०.०१ लाख हेक्टर गन्ने की बुआई की गयी है. इसलिए अगले मौसम में भी चीनी के अतिरिक्त उत्पादन होने की संभावना के मद्दे नजर सरकार चीनी उद्योग केलिए अनेक उपायों की घोषणा कर चुकी है. हाल ही में सरकार ने चीनी मिलो को जुलाई माह का कोटा १६.५ लाख मे.टन देनेका ऐलान किया है. जो कि पिछले माह की तुलना में क़रीब ४.५ लाख मे.टन से कम है. इससे चीनी मिलो को चीनी के भाव में प्रति कुन्तल २०० से ३०० रुपये ज़्यादा मिलेंगे और गन्ना किसानो का बकाया अदा करने में आसानी होगी.

SOURCEChiniMandi

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