किसानों को सरकार का तोहफा, अब गन्ने के लिए मिलेंगे ज्यादा दाम

सरकार ने गन्ना किसानों को शानदार तोहफा दिया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 20 रुपए बढ़ाकर 275 रुपए प्रति क्विंटल करने को मंजूरी दे दी गई है. बुधवार को हुई आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक में विपणन वर्ष (मार्केटिंग ईयर) 2018-19 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य 20 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई.सरकार ने हाल ही में खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में फसलों की लागत के डेढ़ गुणा तक वृद्धि की है. इसमें खरीफ मौसम की मुख्य फसल धान का समर्थन मूल्य 200 रुपए बढ़ाकर 1750 रुपए क्विंटल किया गया है.

कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने आगामी सत्र के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य यानी एफआरपी 20 रुपए बढ़ाकर 275 रुपए प्रति क्विंटल करने की सिफारिश की थी. सीएसीपी एक सांविधिक निकाय है जो कि सरकार को प्रमुख कृषि उपजों के दाम तय करने की सिफारिश करती है. आमतौर पर सरकार आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लेती है. मौजूदा सिफारिश के मुताबिक एफआरपी दाम गन्ने से 9.5 प्रतिशत की बेसिक रिकवरी पर आधारित है. इससे अधिक रिकवरी होने पर प्रत्येक 0.1 प्रतिशत की अधिक रिकवरी के लिए 2.68 रुपए प्रति क्विंटल का प्रीमियम किसानों को दिया जाएगा.

उत्तर प्रदेश, केंद्र द्वारा घोषित एफआरपी के ऊपर अपना खुद का परामर्श मूल्य घोषित करता है. उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा भी केंद्र के एफआरपी के ऊपर अपना राज्य परामर्श मूल्य घोषित करते हैं. चीनी के अगले मार्केटिंग ईयर में कुल चीनी उत्पादन 3.55 करोड़ टन के नए रिकॉर्डस्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. चीनी मिलों के संगठन इस्मा ने यह अनुमान व्यक्त किया है.

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