भारत, ब्राजील ने एथेनॉल पर वर्चुअल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की घोषणा की

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भारत, ब्राजील ने एथेनॉल उत्पादन को बढ़ाने के उद्देश्य से एथेनॉल पर वर्चुअल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की घोषणा की।

भारत गणराज्य के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री, श्री हरदीप सिंह पुरी के निमंत्रण पर ब्राजील संघीय गणराज्य के खान और ऊर्जा मंत्री, महामहिम श्री बेंटो अल्बुकर्क 19-22 अप्रैल, 2022 तक भारत की चार दिन की सरकारी यात्रा आये थे। ब्राज़ील के मंत्री महोदय अल्बुकर्क के साथ जैव ईंधन और मोटर वाहन क्षेत्रों के निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी आया था।

दोनों नेताओं ने ऊर्जा क्षेत्र के पूरे स्पेक्ट्रम में मौजूदा द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की और देशों के बीच आपसी हित के मुद्दों पर साझेदारी को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस संदर्भ में दोनों नेताओं ने दोनो देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को सुदृण करने में द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका पर संतोष व्यक्त किया।

दोनों पक्षों ने ब्राजील के तेल और गैस क्षेत्र में भारतीय कंपनियों द्वारा किए गए बड़े निवेश के महत्व को मान्यता प्रदान की और भविष्य में द्विपक्षीय निवेश को प्रोत्साहित करते हुए मौजूदा निवेशों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। दोनों पक्षों ने तेल और इसके सह-उत्पादों में द्विपक्षीय व्यापार के महत्व पर प्रकाश डाला और इस पारस्परिक रूप से लाभदायक व्यापार का विस्तार करने की इच्छा व्यक्त की। भारतीय पक्ष ने लंबी अवधि के विशेष अनुबंधों के अंतर्गत कच्चे तेल की खोज करने के बारे में रुचि व्यक्त की।

दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय उत्पादन बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाओं को स्वीकार किया। कम कार्बन भविष्य के लिए वैश्विक बदलाव के एक महत्वपूर्ण कार्यक्षेत्र के रूप में टिकाऊ जैव ऊर्जा और जैव ईंधन का उपयोग करने पर सहमति व्यक्त की। इस संदर्भ में, वे जैव ऊर्जा में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर सहमत हुए। इसके लिए, दोनों पक्ष जैव ऊर्जा और जैव ईंधन के लिए एक भारतीय-ब्राजील गठबंधन विकसित करने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए।

दोनों मंत्रियों ने हाल के वर्षों में जैव ईंधन क्षेत्रों में की गई द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय गतिविधियों और पहलों की लंबी सूची की समीक्षा की, जिसमें तकनीकी यात्राओं का आदान-प्रदान, ब्राजील-भारत एथेनॉल वार्ता के दो संस्करण, विमानन जैव ईंधन पर संगोष्ठी, जैव ऊर्जा सहयोग पर संयुक्त कार्य समूह, ऑटोमोबाइल क्षेत्र में जैव ईंधन के उपयोग में भारत-ब्राजील सहयोग पर गोलमेज सम्मेलन आदि आयोजन शामिल थे। उन्होंने जलवायु और ऊर्जा, ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रिस्तरीय, जैव भविष्य मंच, स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय, मिशन नवाचार पहल पर जी-20 सदस्य देशों के बीच आपसी समन्वय और आईबीएसए ऊर्जा पर संयुक्त कार्य समूह और ऊर्जा पर संयुक्त राष्ट्र उच्च स्तरीय वार्ता के संदर्भ में किए गए कार्य को भी रेखांकित किया।

दोनो मंत्रियों ने बायो इनर्जी सहयोग पर संयुक्त कार्य समूह के निष्कर्षों पर प्रकाश डाला, जिसकी पहली बैठक 6 अगस्त, 2021 को हुई थी, और दो प्रमुख क्षेत्रों के तहत नौ प्रमुख क्षेत्रों में भविष्य में द्विपक्षीय सहयोग के लिए प्राथमिकताओं की पहचान की गई:

I) कार्यान्वयन और स्केलिंग अप

वर्तमान बेड़े में ई-20 मिश्रणों के वाहन उपयोग के तकनीकी पहलू,
फ्लेक्स-ईंधन वाहनों में एथेनॉल के उच्च मिश्रणों के तकनीकी पहलू,
फ्लेक्स-ईंधन प्रौद्योगिकियां – फोर-स्ट्रोक और टू-स्ट्रोक इंजन (ओटो साइकिल),
बायोडीजल कार्यान्वयन,
बायोगैस / बायोमीथेन नीति और प्रोत्साहन, और
चीनी और एथेनॉल संयंत्रों में कुशल गर्मी और बिजली उत्पादन।

II) प्रौद्योगिकी और भविष्य के ईंधन

सतत विमानन ईंधन – नीतियां, फीडस्टॉक्स और कार्यान्वयन के प्रयास,
दूसरी पीढ़ी के एथेनॉल- नीति और प्रौद्योगिकियां, और
सिंथेटिक जीव विज्ञान सहयोग।

दोनों नेताओं ने आने वाले महीनों में, बायो-एनर्जी में सहयोग के लिए संयुक्त कार्य समूह की बैठकें आयोजित करने और एथेनॉल अर्थव्यवस्था के विकास में भारतीय और ब्राजील की एजेंसियों, कंपनियों और शोधकर्ताओं के बीच आदान-प्रदान और संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने दोनों देशों के हितधारकों के बीच गहन और अधिक विस्तारित सम्पर्क को प्रोत्साहित किया। इसी भावना के साथ, मंत्रियों ने दोनों पक्षों की कंपनियों के बीच उनकी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए सहयोगी दस्तावेजों का स्वागत किया, जिसमें एथेनॉल पर वर्चुअल माध्यम से एक भारत-ब्राजील उत्कृष्टता केंद्र (एथेनॉल पर वर्चुअल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस/virtual Center of Excellence on Ethanol) की स्थापना की घोषणा भी शामिल है।

दोनों मंत्रियों ने जैव ऊर्जा और जैव ईंधन में मजबूत और गतिशील सहयोग बनाने के लिए दोनों देशों के निजी और सार्वजनिक हितधारकों के बीच निरंतर सम्पर्क के महत्व पर बल दिया। इस संदर्भ में दोनों मंत्रियों ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में जैव ईंधन में भारत-ब्राजील सहयोग पर हाल ही में संपन्न गोलमेज सम्मेलन सहित उनकी विभिन्न बातचीत के आधार पर दोनों देशों की कंपनियों की सिफारिशों पर ध्यान दिया। कुछ सिफारिशों में शामिल हैं:

 

a. बाहरी निर्भरता को कम करने, ओट्टो साइकिल ईंधन की ऑक्टेन संख्या बढ़ाने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए गैसोलीन विकल्प के रूप में एथेनॉल का उपयोग करने के लिए एक सार्वजनिक नीति स्थापित करना;
b. ऊर्जा उत्पादन के कदमों पर विचार करते हुए, टिकाऊ आवागमन का मूल्यांकन करने के लिए कुएं से पहिये के जीवन चक्र का आकलन;
c. फ्लेक्स-फ्यूल और हाइब्रिड फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को पेश करने के लिए एक कार्य योजना विकसित करना;
एथेनॉल और बायोमीथेन ईंधन सेल वाहनों का संयुक्त विकास; और
d. कम पानी की खपत और अधिक चीनी उपज वाली फसल विकसित करने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग।
e. पहली, दूसरी और तीसरी पीढ़ी के जैव ईंधन के लिए अग्रणी ऊर्जा फसलों का जल, आनुवंशिक प्रबंधन और जैव प्रौद्योगिकी और तरल जैव ईंधन के लिए जैव प्रौद्योगिकी का विकास और कृषि औद्योगिक अवशेषों का मूल्य निर्धारण।
f. मंत्रियों ने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि वैश्विक स्तर पर स्थायी जैव ऊर्जा और जैव ईंधन को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है, जो ऊर्जा सुरक्षा के विकल्पों में विविधता लाएगा, ग्रामीण विकास को बढ़ावा देगा, तकनीकी और औद्योगिक नवाचार लाएगा, और स्थानीय और वैश्विक कार्बन उत्सर्जन कम करते हुए रोजगार और अवसर पैदा करेगा।

इसके अलावा वे इस बात पर सहमत हुए कि कम कार्बन वाले वैश्विक वाहन प्लेटफॉर्मों के डिजाइन के साथ-साथ नई प्रौद्योगिकियों के विकास और जैव ऊर्जा क्षेत्र में वृहत पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं की स्थापना के लिए टिकाऊ जैव ऊर्जा और जैव ईंधन के लिए एक संपन्न अंतरराष्ट्रीय बाजार आवश्यक होगा।

दोनो मंत्रियों ने इस आशय और जैव ऊर्जा तथा जैव ईंधन में भारत-ब्राजील सहयोग की भावना के अंतर्गत, अन्य सक्षम राष्ट्रीय प्राधिकरणों के साथ समन्वय में, स्थायी जैव ऊर्जा और जैव ईंधन को इसके अभिन्न अंग के रूप में वैश्विक ऊर्जा संक्रमण, विशेष रूप से परिवहन, उद्योग और अन्य कठिन-से-डीकार्बोनाइज क्षेत्रों, जैसे विमानन और शिपिंग के लिए स्थापित करने के लिए एक ठोस प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की।

दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों के राजनीतिक आयाम को मजबूत करने के लिए भारत और ब्राजील के बीच उच्च स्तरीय पारस्परिक यात्राओं को बनाए रखने के महत्व पर बल दिया। इसी भावना से, ब्राजील के खान और ऊर्जा मंत्री ने भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री को अपनी सुविधानुसार जल्द से जल्द ब्राजील आने के लिए आमंत्रित किया।

(Source: PIB)

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