ब्राजील के चीनी मिलों की इथेनॉल उत्पादन में दिलचस्पी और बढ़ी…

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साओ पाउलो : ब्राजील मिलर्स और चीनी उद्योग के विश्लेषकों के अनुसार, ब्राजील की चीनी मिलों ने अधिशेष चीनी और आंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के चलते वर्ष की शुरुआत से इथेनॉल उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया था। अब भी चीनी कीमतों में दबाव देखा जा रहा है, इसीलिए फिर एक बार ब्राजील के चीनी मिलों की इथेनॉल उत्पादन में ही दिलचस्पी बढ़ी है, उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए योजना बनाई जा रही है।

जिस आसानी से ब्राजील की मिलें चीनी उत्पादन की जगह इथेनॉल उत्पादन करती हैं, वह विश्व की चीनी बाजारों में एक प्रमुख स्विंग फैक्टर बन जाता है। वैश्विक चीनी अधिशेष पिछले साल ब्राजील के रूप में घट गया था, क्योंकि इसके केंद्र-दक्षिण गन्ना बेल्ट से चीनी उत्पादन में लगभग 100 लाख टन की कटौती हुई थी।

चीनी व्यापारी समूह सोपेक्स के एक विश्लेषक फ्रांसिअल रिवरो ने कहा की, ब्राजील से अपेक्षा है कि, वह इस साल भी चीनी का 35 प्रतिशत गन्ना आवंटन इथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल कर सकता है।

साओ पाउलो में अल्कोस्टे मिल जैसी कुछ ब्राजील की मिलें इस साल पहले ही चीनी निर्यात अनुबंधों को रद्द कर चुकी हैं। चीनी मिलर लुइस अरकाकी ने कहा की, मेरे पास कुछ और अनुबंध है और मैंने उन्हें रद्द करने का फैसला किया है। एल्कोएस्टे ने पिछले साल चीनी का उत्पादन नहीं किया, और इसका चीनी संयंत्र निष्क्रिय बना हुआ है।

नास्तारी के पूर्वानुमान के अनुसार, यदि इस मौसम में 580 लाख टन से अधिक गन्ने की पैदावार होती है, तो मिलें केवल 65 प्रतिशत से कम इथेनॉल में परिवर्तित करने में सक्षम हो सकती हैं, बाकी गन्ने का इस्तेमाल चीनी उत्पादन के लिए हो सकता हैं।

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