नहीं बिक रही है इकबालपुर मिल की नीलामी की चीनी…

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झबरेड़ा: इकबालपुर चीनी मिल क्षेत्र के गन्ना किसान बौखलाए हुए है, क्यूंकि उन्हें अब तक मिल द्वारा गन्ना बकाया भुगतान नहीं चुकाया गया है। मिल की इतनी हालत ख़राब है की उनकी नीलामी की चीनी भी नहीं बिक रही है। इकबालपुर चीनी मिल पर किसानों का 258 करोड़ रुपये बकाया है। चीनी मिल की ओर से दो साल से गन्ना किसानों का भुगतान नहीं किया गया है। बकाया को लेकर किसानों ने कई बार आंदोलन किया, फिर भी उन्हें भुगतान करने में चीनी मिल प्रशासन विफ़ल रहा है। आख़िरकार किसानों का भुगतान करने के लिए मिल की चीनी बेचने का फैसला लिया गया, लेकिन बार बार अड़चनों के वजह से चीनी बेचने में नाकयाबी ही हाथ लगी।

मानकपुर आदमपुर गांव में हुई उत्तराखंड किसान मोर्चा (उकिमो)की पंचायत में किसानों ने एलान किया कि 26 सितंबर से पहले चीनी की नीलामी कराने के लिए किसान डीएम से मिलेंगे। साथ ही, किसानों ने प्रशासन को चेताया कि यदि गन्ने का भुगतान नहीं किया तो इस बार वह रेल का चक्का जाम कर देंगे।

किसानों का बकाया भुगतान मुमकिन हो इसलिए चीनी नीलामी प्रक्रिया शर्तो में कुछ ढील देने का आग्रह गन्ना आयुक्त ने तहसीलदार से किया है। तहसीलदार ने शासन से अनुमति लेकर शर्तों में ढील देने का भरोसा दिया है। इकबालपुर मिल समय पर गन्ना किसानों का भुगतान करने में नाकाम रही है, जिससे किसानों में काफी आक्रोश है।

तीन सितंबर को चीनी नीलाम कर किसानों का भुगतान किया जाना था, लेकिन व्यापारियों ने नीलामी के कठोर नियम देखकर चीनी खरीदने से मना कर दिया था, जिससे किसानों के भुगतान में देरी हो गई।

उत्तराखंड किसान मोर्चा की मानकपुर गांव में हुई पंचायत में मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि तीन सितंबर को इकबालपुर चीनी मिल में चीनी की नीलामी थी, लेकिन प्रशासन नहीं चाह रहा था कि चीनी की नीलामी हो, इसके चलते जान बूझकर शर्तों को कड़ा करते हुए नीलामी नहीं होने दी गई, ताकि चीनी मिल को इसका लाभ मिल सके।

सोमवार को डीएम से किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल मिलेगा और गन्ने का भुगतान तत्काल किये जाने की मांग की जायेगी।

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