इकबालपुर चीनी मिल बना राजनीतिक अड्डा

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भगवानपुर: इकबालपुर चीनी मिल राजनीतिक अड्डा बनता जा रहा है। यहां किसानों के बकाये के भुगतान को लेकर कांग्रेस और भाजपाइयों में ठन गई है। किसानों ने आक्रोश में सरकार का पुतला दहन किया जबकि भाजपाइयों का आरोप है कि कुछ कांग्रेसी नेता इस तरह की हरकत कर रहे हैं। भाजपाइयों ने कहा कि सरकार की ओर से किसानों के भुगतान को लेकर कदम उठाए गये हैं, लेकिन चीनी मिल की लापरवाही के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है। इकबालपुर चीनी मिल ने भुगतान के लिए स्टैंप पेपर औऱ दूसरी औपचारिकताओं को पूरा नहीं किया है जबकि जिला सहकारी बैंक ने किसानों के भुगतान के लिए 36 करोड़ रुपए का कर्ज जारी किया है।

शुक्रवार को नगर पंचायत कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में जिला पंचायत के सदस्य सुबोध राकेश ने कहा कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने गन्ना विभाग, चीनी मिल व किसान प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता की थी। जिसमें सरकार ने सॉफ्ट लोन दिलाने की बात कही थी। इसी आधार पर जिला सहकारी बैंक की ओर से 36 करोड़ रुपये दिया जा रहा है और यह पैसा डीसीबी हरिद्वार के खाते में आ चुका है। इस मौके पर जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन सुशील चौधरी, गजेंद्र सिंह, कुलवीर चेयरमैन, जोनी प्रधान, मंडल अध्यक्ष संजय त्यागी आदि मौजूद रहे।

चीनी मिल क्षेत्र के गन्ना किसान बौखलाए हुए है, क्यूंकि उन्हें अब तक मिल द्वारा गन्ना बकाया भुगतान नहीं चुकाया गया है। मिल की इतनी हालत ख़राब है की उनकी नीलामी की चीनी भी नहीं बिक रही है। चीनी मिल की ओर से दो साल से गन्ना किसानों का भुगतान नहीं किया गया है। बकाया को लेकर किसानों ने कई बार आंदोलन किया, फिर भी उन्हें भुगतान करने में चीनी मिल प्रशासन विफ़ल रहा है। आख़िरकार किसानों का भुगतान करने के लिए मिल की चीनी बेचने का फैसला लिया गया, लेकिन बार बार अड़चनों के वजह से चीनी बेचने में नाकयाबी ही हाथ लगी।

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