बांग्लादेश: जोयपुरहाट चीनी मिल पर प्रदूषण फैलाने का आरोप

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जोयपुरहाट: ऐसा आरोप है की बांग्लादेश में राज्य के स्वामित्व वाले जोयपुरहाट चीनी मिल द्वारा औद्योगिक प्रदूषण के कारण जिले में तुलसी गंगा नदी के पांच किलोमीटर तक फैले पानी को प्रदूषित कर दिया है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि, पिछले 15 दिनों से पानी खराब हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि, चीनी मिलों के दूषित पानी ने नदी के पानी को प्रदूषित कर दिया है। इस मामले के बारे में पूछे जाने पर, जॉयपुरहाट चीनी मिल के प्रबंध निदेशक अन्वर हुसैन ने इस आरोप से इनकार किया। उन्होंने कहा, हम पहले कचरे को मिल के अंदर एक तालाब में फेंक देते हैं। फिर पानी एक चैनल से होकर तुलसी गंगा नदी तक जाता है। खबरों के मुताबिक, मिल में कोई एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) नहीं है। अन्वर हुसैन ने कहा कि, संबंधित मंत्रालय ने मिल में ईटीपी की स्थापना की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है।

नदी किनारे के निवासियों ने आरोप लगाया कि, चीनी मिल के दूषित पानी ने नदी को प्रदूषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि, वे पिछले 15 दिनों से नदी के पानी का उपयोग नहीं कर रहे हैं। पानी में बदबू आ रही है और नदी में मछलियां मर रही हैं। अकेलपुर अपजिला कृषि अधिकारी शाहिदुल इस्लाम ने कहा कि, कुछ दिन पहले नदी के पानी का उपयोग करने के लिए अच्छा था। उन्होंने यह भी कहा कि, नदी के किनारे बड़ी संख्या में किसान सिंचाई के लिए नदी पर निर्भर हैं। शाहिदुल इस्लाम ने कहा कि, किसानों से कहा गया है कि वे पानी का उपयोग न करें क्योंकि जोयपुरहाट चीनी मिल के दूषित पानी के कारण यह प्रदूषित हो गया है। अकेलपुर अपजिला मत्स्य अधिकारी मोहिदुल इस्लाम ने कहा कि तुलसी गंगा नदी की जल गुणवत्ता बहुत खराब है। केवल मछलियां ही नहीं, कोई भी जीवित प्राणी इस तरह के प्रदूषित पानी में जीवित नहीं रह सकता है।

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