कन्नड़ चीनी मिल श्रमिकों के वेतन का रास्ता साफ़…

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औरंगाबाद: श्रम अदालत ने 3 जनवरी 2020 को कन्नड़ सहकारी चीनी मिल श्रमिकों की वेतन राशि तय कर दी है। इससे श्रमिकों के वेतन पाने का रास्ता साफ़ हुआ है। कन्नड़ सहकारी चीनी मिल श्रमिक संघ की बैठक में फैसला किया गया की, चीनी श्रमिकों के वेतन की यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक कि श्रमिकों को पूरा भुगतान नहीं किया जाता है। तकरीबन दस साल तक लड़ाई लड़ने के बाद श्रमिकों की मजदूरी मिल रही है।

रविवार सुबह सरस्वती कॉलोनी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में श्रमिकों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में सर्वसम्मति से मजदूरों का भुगतान होने तक लड़ाई जारी रखने का निर्णय लिया गया। बैठक में अदालती प्रक्रिया का विवरण पढ़ा गया। तदनुसार, जब कन्नड़ सहकारी चीनी मिल 2009 में बंद हुई, तब कई कर्मचारी कर्मचारी थे। इनमें से कई कर्मचारियों की मौत हो गई है। इस बीच, महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक ने बकाया कर्ज की वसूली के लिए मिल को बेच दिया। श्रमिकों का वेतन और अन्य बकाया को लेकर मजदूरों ने हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि, मिल के बिक्री से जमा हुई रकम बैंक के नो-लीन खाते में जमा करें और श्रमिक अपना वेतन श्रम अदालत के माद्यम से निर्धारित करें। मिल के श्रमिक संघ ने वेतन निर्धारण के लिए श्रम अदालत में मामला दायर किया था। तदनुसार, श्रम न्यायालय ने 3 जनवरी 2020 को वेतन राशि निर्धारित की है। बैठक के आयोजन में एड. कृष्ण जाधव, लालमियां शाह, वी.एन. पाटनी, कृष्णा मोहिते, पी. ए. चव्हाण, आर.वी. शिंदे, टी. एस. चव्हाण, गंगा सूर्यवंशी आदि उपस्थित थे।

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