कर्नाटक: FRP में संशोधन नहीं होने पर गन्ना किसानों ने दी विरोध की धमकी

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बेंगलुरु :कर्नाटक के गन्ना किसानों ने उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) में संशोधन नहीं करने पर विधान सौध की घेराबंदी करने की धमकी दी है।किसानों द्वारा यह चेतावनी 13 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले आई है।केंद्र सरकार ने हाल ही में गन्ने के लिए एफआरपी ₹50 बढ़ाकर ₹2,900 प्रति टन कर दिया था। हालांकि, कर्नाटक राज्य गन्ना उत्पादक संघ के अध्यक्ष कुरबुर शांता कुमार ने दावा किया की, यह राशि खेती की लागत से बहुत कम है, क्योंकि खेती की लागत लगभग ₹3,200 प्रति टन है।।

उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने गन्ना एफआरपी में तीन साल बढ़ोतरी नहीं की थी। इस बीच, ईंधन और उर्वरक की लागत लगभग दोगुनी हो गई है।शांताकुमार ने आरोप लगाया की, केंद्र सरकार ने चीनी व्यापारियों के साथ मिलीभगत की है और एफआरपी में केवल ५० रुपये की वृद्धि की है, जो बिल्कुल अस्वीकार्य है।नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट को लागू करने का दावा किया है और इससे किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी।उन्होंने कहा की, सरकार के दावे खोखले हैं और जब एफआरपी खेती की लागत से भी कम तब किसानों की आय कैसे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि, राज्य के सभी किसान संगठन 27 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बुलाए गए भारत बंद का समर्थन करेंगे।

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