कर्नाटक: अत्याधिक बारिश से फसल को नुकसान होने की संभावना…

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कलबुर्गी :पिछले दो सप्ताह से लगातार हो रही बारिश ने किसानों को चिंतित कर दिया है। अत्यधिक वर्षा के कारण जिले के कई इलाकों में काले चने और हरे चने सहित गन्ना और अल्पकालिक खरीफ फसलें चौपट हो गई हैं। कलबुर्गी जिले में 1 जून से 21 जुलाई तक 191.9 मिमी के सामान्य औसत के मुकाबले 327.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कलगी तालुका में 187 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले सबसे अधिक 455.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, इसके बाद चित्तपुर तालुका में सामान्य वर्षा 194 मिमी के मुकाबले 397 मिमी वर्षा हुई।

द हिन्दू डॉट कॉम में प्रकाशित खबर के मुताबिक, चिंचोली में सामान्य 237.2 मिमी वर्षा के मुकाबले 365.9 मिमी वर्षा हुई, शाहाबाद तालुका ने सामान्य 187 मिमी वर्षा के मुकाबले 357 मिमी वर्षा दर्ज की। कलबुर्गी में 321.7 मिमी, कमलापुर तालुका में 317 मिमी, सेदाम में 318 मिमी, अफजलपुर तालुका में 315.6 मिमी और जेवरगी तालुका में 307 मिमी बारिश दर्ज की गई। अलंद और यादामी तालुकों में से प्रत्येक में 255 मिमी बारिश हुई। कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन के लिए निर्धारित लक्ष्य 7,55,130 हेक्टेयर के मुकाबले किसानों ने 6,79,710 हेक्टेयर से अधिक भूमि में बुवाई पूरी कर ली है।

रायथ संघ के जिलाध्यक्ष शरणबसप्पा ममशेट्टी ने कहा कि, पिछले एक पखवाड़े से हो रही भारी बारिश से जिले में खड़ी चना, हरे चने और लाल चने की फसल को भारी नुकसान हुआ है। चित्तपुर, चिंचोली, कलागी और शाहाबाद तालुका के किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है। ममशेट्टी ने यह भी मांग की कि जिला प्रशासन तुरंत फसल क्षति का सर्वेक्षण करे और किसानों को राहत प्रदान करे। गन्ना उत्पादक संघ के अलंद तालुका अध्यक्ष धर्मराज साहू ने कहा कि, नुकसान बढ़ सकता है क्योंकि सप्ताह के अंत तक बारिश होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि, नुकसान के कारण इस साल पैदावार भी कम होगी।

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