केन्या: चीनी मिलें चाहती हैं कि गन्ना आयात प्रतिबंध हटा दिया जाए

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नैरोबी : केन्या शुगर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (KESMA / केईएमएसए) ने कृषि कैबिनेट सचिव पीटर मुन्या और काकामेगा गवर्नर विक्लिफ ओपरान्या को पत्र लिखकर गन्ने के आयात पर से प्रतिबंध हटाने की मांग की है। KESMA का कहना है कि, उनके मिलर्स में से एक बसिया चीनी उद्योग वर्तमान में गन्ने की कम आपूर्ति से प्रभावित हुआ है। KESMA के अध्यक्ष जयंती पटेल ने 3 अगस्त, 2020 के पत्र में कहा की, पेराई पूरी क्षमता से होने के लिए गन्ने की पर्याप्त आपूर्ति की आवश्यकता है, जिसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए।

KESMA का कहना है कि, बुसिया क्षेत्र में गन्ने की कम खेती के परिणामस्वरूप कम गन्ना आपूर्ति की स्थिति है। बुसिया चीनी उद्योग पहले से ही देश में गन्ने की खेती को बढ़ाने पर काम कर रहा है। हालांकि, इस वक्त उन्हें मिल पूरी क्षमता के साथ चलने के लिए गन्ने की आवश्यकता है। KESMA ने कहा कि युगांडा से गन्ने की आपूर्ति पर प्रतिबंध हटाने से किसी भी तरह के हितों का नुकसान नहीं होगा, क्योंकि वर्तमान में फसल की स्थानीय आपूर्ति अपर्याप्त है। पटेल ने कहा कि, स्थानीय चीनी उद्योग द्वारा चीनी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। वेस्टर्न डेवलपमेंट इनिशिएटिव एसोसिएशन (WEDIA) के अध्यक्ष जोसेफ बारासा ने कहा कि, कम गन्ने की आपूर्ति के चलते मिलें पेराई के लिए संघर्ष कर रही है। बरसा ने कहा, हालांकि किसानों को अधिक गन्ना लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है क्योंकि बाहर से गन्ने की अनुमति केवल तभी दी जा सकती है जब कच्चे माल की कमी हो। WEDIA एक ऐसा समूह है, जो किसानों के अधिकारों के लिए लड़ता है।

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