एफआरपी बढोतरी की खबरों से जानिये शुगर स्टॉक्स पर क्या होगा असर

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नई दिल्ली: शुगर से जुड़े अधिकांश शेयरों में पिछले 3 महीनों में भारी तेजी देखी गई है। खासकर पिछले एक महीने से रेणुका शुगर्स, डालमिया भारत, बलरामपुर चीनी, धामपुर शुगर, द्वारिकेश शुगर और अवध शुगर सहित शीर्ष शुगर शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई पर कारोबार कर रहे हैं।

सरकार द्वारा इथेनॉल मिश्रण की तारीख की घोषणा के बाद शुगर शेयरों पर अच्छी वृद्धि देखी गई। सरकार ने जून की शुरुआत में पेट्रोल के साथ 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रण प्राप्त करने की लक्ष्य तिथि को 2025 कर देने के बाद शुगर शेअरों मे काफी उछाल देखनो मिल रहा है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रण का यह कदम महंगा तेल आयात पर भारत की निर्भरता को कम करने में मदद करने के लिए उठाया गया है।

इस बीच केंद्र सरकार ने गन्ने के लिए उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू कर दी है। 2021-22 विपणन वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) को बढ़ाने का अंतिम निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया जाएगा। कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की शुरुआती सिफारिशें आ चुकी हैं और अब इसे संबंधित मंत्रालयों के समक्ष उठाया जाएगा। कृषि, वित्त मंत्रालय, नीति आयोग और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के बीच चर्चा होगी।

चर्चा के बाद कैबिनेट नोट को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और फिर दरों को अधिसूचित किया जाएगा। यह खबर चीनी मिलों को प्रभावित कर सकता है। एफआरपी में वृद्धि के साथ, गन्ना महंगा हो जाएगा और इन शुगर कंपनियों को या तो कीमत बढ़ाना होगा, या उनका मार्जिन कम हो जाएगा। इसलिए, इसका असर सुगर स्टॉक्स पर भी पड़ सकता है।

जानकारों की माने तो, अगर FRP में बढ़ोतरी हो जाती है तो शुगर स्टॉक्स पर नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।

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