चीनी मिल टेक्नोलॉजी के माध्यम से गन्ना किसानों से हो रही है ‘कनेक्ट’

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कोल्हापुर : चीनी मंडी

कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर बड़ी सभाओं को बंद कर दिया गया है, जिसके चलते कई चीनी मिलर्स जूम ऐप जैसे आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसानों से ‘कनेक्ट’ हो रहे है। कोल्हापुर में शाहू सहकारी चीनी मिल अपने किसानों को अगले खरीफ सीजन से पहले मार्गदर्शन करने के लिए अपने वार्षिक गन्ना विकास सेमिनार आयोजित करने के लिए जूम ऐप का उपयोग कर रही है।

जिले के कागल तालुका में स्थित श्री छत्रपति शाहू सहकारी चीनी मिल, किसानों तक पहुंच बनाने के लिए एक वीडियोकांफ्रेंसिंग उपकरण जूम का उपयोग कर रही है। अप्रैल और जून के बीच, देश में गन्ना उगाने वाले राज्यों में चीनी मिलें अपने किसानों के साथ मिलकर उन्हें आगामी गन्ना सीजन के लिए मार्गदर्शन करती हैं। कोल्हापुर, सांगली, सातारा और पुणे में, किसान 18 महीने के गन्ने (जो जून-जुलाई में बोए जाते हैं) के लिए अपनी जमीन तैयार करना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा, कृषि विशेषज्ञ किसानों को विशेष रूप से विविध सत्रों में मार्गदर्शन करते हैं ताकि वे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम करने के लिए जैव उर्वरक का उपयोग करके विशेष फसलों के इस्तेमाल से अपने खेतों को तैयार कर सकें।

शाहू सहकारी मिल के अध्यक्ष समरजीतसिंह घाटगे ने कहा कि, वे अप्रैल से अपने वार्षिक गन्ना विकास सेमिनार की तैयारी कर रहे थे, जब कोरोना वायरस का प्रकोप शुरू हुआ था। मिल के 16,500 शेयरधारक किसान महाराष्ट्र और कर्नाटक के 100 गांवों में फैले हुए हैं। आम तौर पर मिल नौ उप-केंद्रों में ये सेमिनार आयोजित करता है। लेकिन लॉकडाउन और कड़े डिस्टेंसिंग मानदंड के दुविधा के बीच मिल ने सेमिनार आयोजित करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया। घाटगे ने कहा, किसानों को एक ही जगह बुलाने के बजाय, हमने जूम ऐप का इस्तेमाल करने का फैसला किया। मिल के कर्मचारियों ने उन किसानों के घरों की पहचान की जिनके पास लैपटॉप या एलसीडी टीवी थे। ऐसे घरों में, उन्होंने 10 से 15 किसानों को ज़ूम कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इन बैठकों में शामिल करने का फैसला किया। आईडी और पासवर्ड का लिंक केवल उन कर्मचारियों के साथ साझा किया जाना था, जो सही समय पर लॉग इन करेंगे और जिससे किसान सेमिनार देख पाएंगे। पहली बैठक 2 जून को आयोजित की गई थी, जिसमें 100 से अधिक स्क्रीनों से लॉग-इन करने वाले किसानों के साथ, जबकि दूसरी बैठक में, 5 जून को भी इसी तरह की उपस्थिति थी। उन्होंने कहा, 15 जून बाद की बैठकों में उच्च उपस्थिति देखी जाएगी।

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