ऋण माफी किसानों की समस्या का दीर्घकालिक समाधान नहीं हो सकता: उपराष्ट्रपति

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नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (PTI) राजनेताओं को सस्ती लोकप्रियता हासिल करने से आगे बढ़कर सोचने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को कहा कि मुफ्त बिजली और ऋण माफी जैसी योजनाएं किसानों के संकट का दीर्घकालिक समाधान नहीं हो सकती।

उपराष्ट्रपति का यह बयान इस परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण है कि वर्तमान में चल रहे आम चुनावों में राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए बड़े बड़े लोकलुभावन वादे करने में लगे हुये हैं।

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के 125 वें स्थापना दिवस समारोह में उन्होंने कहा, “नि: शुल्क बिजली … लोगों को सुनिश्चित बिजली आपूर्ति चाहिये, वे नियमित बिजली चाहते हैं और फिर कर्ज माफी का मुद्दा। ये सब कुछ (योजनाएं) किसानों को लंबे समय में मदद करने नहीं जा रहे हैं क्योंकि कहानी यहां खत्म नहीं होती।”

उन्होंने कहा, “हमें यह देखना होगा कि हम बुनियादी ढांचे को ताकत प्रदान करें, हम बेहतर बाजार के अवसर देते हैं … किसानों को समय पर, वहन करने योग्य और सस्ते ऋण उपलब्ध हों। ये सब दीर्घकालिक समाधान हैं। देश के नीति निर्माताओं को इन सब दिशाओं पर सोचने की जरुरत है।”

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने न्यूनतम आय गारंटी योजना के तहत 20 प्रतिशत गरीबों को न्याय देने का वादा किया है। इस योजना में लक्षित परिवार को प्रति वर्ष 72,000 रुपये दिये जायेंगे।

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भाजपा ने अपने चुनाव घोषणापत्र में कहा है कि वह सभी किसानों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष पीएम किसान योजना का लाभ देगी। मौजूदा समय में, यह पांच एकड़ तक के खेत जोतने वाले किसानों तक ही सीमित है। एक अन्य राजनीतिक दल द्रमुक ने किसानों के लिए ऋण माफी योजना का वादा किया है।

बैंकिंग प्रणाली में बढ़ती गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) पर उन्होंने कहा, यह एक बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इसने निश्चित रूप से बैंकों की ऋण देने की क्षमता को प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा कि भारत को वित्तीय धोखाधड़ी और बैंक खातों पर सूचना और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए और संधियों में प्रवेश करना चाहिए और डिफाल्टर के मामले में न्याय दिलाने में अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ काम करना चाहिए।

इस अवसर पर पीएनबी के एमडी सुनील मेहता ने कहा कि बैंक का इतिहास हमेशा आधुनिक भारत के इतिहास के साथ मजबूती से जुड़ा रहा है।  मेहता ने कहा, “पिछले वर्षों के दौरान, पंजाब नेशनल बैंक ने दो विश्व युद्ध, विभाजन और आर्थिक मंदी सहित विभिन्न चुनौतियों का सामना किया है। आज, यह 7,000 से अधिक शाखाओं के साथ दुनिया भर में 11 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवा प्रदान करता है और लगभग 70,000 लोगों को रोजगार देता है।”

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