लॉकडाउन: देशभर में ट्रकों की आवाजाही में कमी

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नई दिल्ली : चीनी मंडी

कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार पूरी मेहनत कर रही है। और इसके संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन जैसे कदम भी उठाये है। इस बीच सरकार पूरा प्रयत्न भी कर रही है की आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही पर कोई सर न हो।

ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AITWA) ने ट्रकों के देश भर में परेशानी मुक्त आवाजाही के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। एसोसिएशन ने प्रत्येक ट्रक चालक के लिए स्वास्थ्य बीमा कवर की भी मांग की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक AITWA ने जानकरी दी की लॉकडाउन के चलते देशभर में केवल 1.5 लाख या लगभग 10% नेशन परमिट ट्रक ही चल रही है।

AITWA के संयुक्त सचिव अभिषेक गुप्ता ने कहा, केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने ट्रकों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए पिछले 2-3 हफ्तों में कुछ निर्देश जारी किए हैं, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में ये लागू नहीं किए गए हैं। भले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 15 अप्रैल को नए आदेश दिए हों, लेकिन किसी भी राज्य सरकार ने इसका फॉलोउप नहीं लिया है।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक गुप्ता ने कहा कि, देश में लगभग 90-95 लाख ट्रक हैं, जिनमें से 15 लाख नेशन-परमिट वाले हैं, जो पूरे देश में आवश्यक और गैर-जरूरी दोनों सामान ले जाते हैं। 24 मार्च को लॉकडाउन लागू होने से पहले, लोड के साथ चलने वाले ट्रकों को राजमार्गों में रोक दिया गया क्योंकि ड्राइवरों को कहीं भी भोजन नहीं मिल रहा था। परिणामस्वरूप, कई ड्राइवरों ने वाहनों को छोड़ दिया और अपने गांवों में वापस चले गए। गुप्ता ने कहा, अब मुख्य मुद्दा यह है कि ड्राइवरों को उनके गांवों से ट्रकों तक वापस कैसे लाया जाए। इस मुद्दे को हल करने के लिए, AITWA ने ट्रांसपोर्टरों के माध्यम से ड्राइवरों को ई-पास जारी करने के लिए एक पोर्टल शुरू किया है। चालक ई-पास का उपयोग करके अपने गंतव्य पर वापस आ सकते हैं।

गुप्ता ने कहा कि, ड्राइवरों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक चालक को 50 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा (स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए केंद्र द्वारा घोषित की गई तर्ज पर) दिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि, AITWA द्वारा जारी किए गए ई-पास का इस्तेमाल बीमा के लिए प्रत्येक चालक के प्रमाण के रूप में किया जा सकता है।

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