महाराष्ट्र: पिछले सीजन में कई चीनी मिलों को हुआ घाटा, लगभग आधे मिल नहीं जुटा पाएंगे पूंजी

147

मुंबई: 2021-22 गन्ना पेराई सत्र से पहले, महाराष्ट्र में सहकारी मिलों की वित्तीय स्थिति तेजी से कमजोर होती दिख रही है। इस सीजन में कमजोर बैलेंस शीट के कारण 95 मिलों में से 51 वित्तीय संस्थानों से पूंजी नहीं जुटा पाएंगी।

इंडियन एक्सप्रेस डॉट कॉम में प्रकाशित खबर के मुताबिक, सहकारी मिलों द्वारा चीनी आयुक्त के कार्यालय में जमा की गई बैलेंस शीट रिपोर्ट के विश्लेषण से पता चला है कि, 53 मिलों की नेट वर्थ सकारात्मक है जबकि 42 मिलों का नेट वर्थ नकारात्मक है। नेट वर्थ चीनी मिल की संपत्ति का कुल मूल्य होता है।पॉजिटिव नेट वर्थ मिल की मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य को दर्शाता है जबकि निगेटिव नेट वर्थ संपत्ति से अधिक देनदारियों के साथ कमजोर बैलेंस शीट का संकेत है।

राज्य में केवल 30 चीनी मिलों ने मुनाफा दर्ज किया है जबकि शेष ने पिछले सीजन में घाटा दर्ज किया है। इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि केवल 36 मिलों के पास वित्तीय संस्थानों से पूंजी जुटाने की क्षमता है जबकि बाकी ऐसा नहीं कर पाएंगी। बंपर गन्ना वर्ष होने से ठीक पहले, यह चीनी क्षेत्र के साथ-साथ राज्य सरकार के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय होने जा रहा है।

व्हाट्सप्प पर चीनीमंडी के अपडेट्स प्राप्त करने के लिए, कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें.
WhatsApp Group Link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here