महाराष्ट्र में इस साल हो सकता है चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन

 

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मुंबई: चीनी मंडी  

2018-19 के गन्ना सीझन में महाराष्ट्र में अभी तक 63 चीनी मिलों द्वारा पेराई शुरू है, 132 चीनी मिलों का सीझन खत्म हो गया है। इस सीझन में अभी तक 933 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हुई है, और 11.21 प्रतिशत औसत रिकवरी के साथ 104.58 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चूका है। पिछले वर्ष 2017-18 में, 107 लाख टन चीनी उत्पादन का रिकॉर्ड जल्द ही टूटने की सम्भावना है।

सूखे की स्थिति, सफेद ग्रब का फैलाव और पानी की कम उपलब्धता के कारण, मार्च में अधिकांश मिलें बंद होने का चीनी उद्योग का अनुमान एक बार फिर विफल रहा है। चीनी आयुक्तालय के सूत्रों ने कहा कि, मिलें 15 अप्रैल तक पेराई कर सकती है। कोल्हापुर डिवीजन में 38 में से 31, पुणे डिवीजन में 32 में से 18, सोलापुर डिवीजन में 44 में से 43, अहमदनगर डिवीजन में 28 में से 11, औरंगाबाद डिवीजन में 24 में से 13, नांदेड़ डिवीजन में 23 में से 14, अमरावती डिवीजन में 2 में से 2 मिलें बंद हुई हैं। नागपुर डिवीजन में चार मिलें अभी भी शुरू हैं।

संयुक्त निदेशक (विकास) दत्तात्रय गायकवाड़ ने कहा कि, 2018-19 में गन्ना पेराई सत्र, 952 लाख टन गन्ने की पेराई की उम्मीद थी, राज्य में अब तक कुल 933 लाख टन गन्ने की पेराई पूरी हो चुकी है।19 लाख टन गन्ने की पेराई अभी भी बाकि है।

राज्य में पिछले वर्ष यानी 2017-18 में 107 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया था। इस वर्ष के अब तक के चीनी उत्पदान के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में सिर्फ 2.42 लाख टन चीनी कम है। चीनी मिलें जिनकी पेराई अभी भी शुरू है उनकी संख्या को देखते हुए, यह उम्मीद की जा सकती है कि इस वर्ष चीनी का उत्पादन पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को तोड़ सकता है।

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